ईरान ने यूक्रेन का विमान गिराने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. साथ ही उसने उन देशों से अपनी खुफिया जानकारी साझा करने को कहा है जिसमें कहा जा रहा है कि यूक्रेन का विमान ईरानी मिसाइल से गिरा है. पीटीआई के मुताबिक ईरान की सरकार ने इस सिलसिले में जारी एक बयान में यह बात कही है. इससे पहले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा था कि कई खुफिया जानकारियां इस ओर इशारा कर रही हैं कि ईरान ने विमान को मार गिराया. बुधवार को हुए इस हादसे में 176 लोगों की मौत हो गई थी. इनमें 63 कनाडा के नागरिक थे.

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग से विमान हादसे की जांच में शामिल होने का आग्रह किया है. उसने यह भी कहा है कि वह उन देशों के विशेषज्ञों को जांच में शामिल होने देने के लिए तैयार है जिनके नागरिक इस विमान हादसे में मारे गए हैं. इस विमान में ईरान के 82, कनाडा के 63, यूक्रेन के 11, स्वीडन के 10, अफगानिस्तान के चार, जर्मनी के तीन और ब्रिटेन के तीन नागरिक सवार थे. विमान यूक्रेन की राजधानी कीव जा रहा था लेकिन तेहरान से उड़ान भरते ही यह क्रैश हो गया. इसी दिन ईरान ने इराक स्थित दो सैन्य अड्डों पर मिसाइलें दागी थीं.

कनाडा और ब्रिटेन सहित कई देशों का मनना है कि यह विमान ईरान की मिसाइल की चपेट में आने से गिरा था. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘ऐसी जानकारी मिली है कि ईरान में दुर्घटनाग्रस्त हुआ यूक्रेन का बोइंग 747 विमान ईरान की मिसाइल की चपेट में आया था.’ उनका आगे कहना था, ‘जानकारी है कि सतह से हवा में मार करने वाली ईरान की मिसाइल ने यह विमान गिराया है. हो सकता है कि ऐसा जानबूझ कर नहीं किया गया हो.’

यूक्रेन ने संयुक्त राष्ट्र से मामले की व्यापक जांच कराने की मांग की है. उसके करीब 45 विमान विशेषज्ञ और सुरक्षा अधिकारी जांच के लिए ईरान पहुंच गए हैं. इस बीच अमेरिका के राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (एनटीएसबी) ने कहा है कि वह भी दुर्घटना की जांच में शामिल होगा.