‘हम यह भी मान सकते हैं कि वे एक राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ता थे.’  

— स्वपन दासगुप्ता, राज्य सभा सदस्य

स्वपन दासगुप्ता ने यह बात बीते बुधवार को विश्वभारती में हुई घटना के बारे में कही. वे, वाइस चांसलर बिद्युत चक्रवर्ती और दूसरे कई लोग बुधवार को पश्चिम बंगाल के बीरभूम स्थित इस केंद्रीय विश्वविद्यालय की एक इमारत में छह घंटे तक बंद रहे थे. इसकी वजह यह थी कि सैकड़ों की संख्या में वाम झुकाव वाले छात्र इमारत के बाहर धरने पर बैठ गए थे. ये छात्र भाजपा सांसद पर समुदायों के बीच नफरत फैलाने का आरोप लगा रहे थे. रात को करीब दस बजे छात्रों द्वारा अपना धरना वापस लिए जाने के बाद ये लोग वहां से निकल सके थे.

‘यह दिखाता है कि कुछ लोगों के लिए सच्चाई, स्वतंत्रता और न्याय सिर्फ भारी-भरकम शब्द नहीं बल्कि ऐसे आदर्श हैं जिनके लिये बलिदान दिया जा सकता है.’

— रघुराम राजन, चर्चित अर्थशास्त्री

रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने यह बात दीपिका पादुकोण के समर्थन में कही. जेएनयू हमले के पीड़ितों से मिलकर मौन विरोध जताने के लिये कहीं से सराहना और कहीं से उलाहना झेल रहीं इस अभिनेत्री के लिए उन्होंने कहा, ‘अपनी नवीनतम फिल्म ‘छपाक’ को जोखिम में डालकर उन्होंने सभी को प्रेरित किया कि हम यह देखें कि वास्तव में दांव पर क्या लगा है.’


‘मेरा मानना है कि उसका अपना कैडर होना चाहिए.’  

— राम माधव, भाजपा महासचिव

राम माधव ने यह बात हैदराबाद में एक आयोजन के दौरान चुनाव आयोग के बारे में कही. उन्होंने कहा कि चुनाव सुधार के तहत एक ऐसा चुनाव आयोग कैडर बनाया जाए जो किसी भी राजनीतिक हस्तक्षेप के बिना स्वतंत्र रूप से चुनाव आयोग की गतिविधियों को संभाले. राम माधव का यह भी कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ सुधार प्रक्रिया में एक अहम मील का पत्थर हो सकता है.


‘दीपिका पादुकोण उन लोगों के साथ खड़ी हैं जो देश के टुकड़े करना चाहते हैं.’  

— स्मृति ईरानी, केंद्रीय मंत्री

स्मृति ईरानी ने यह बात दीपिका पादुकोण के जेएनयू जाने पर कही. उनका कहना था कि इस अभिनेत्री ने अपना राजनीतिक झुकाव 2011 में ही साफ कर दिया था. स्मृति ईरानी 2011 के उस इंटरव्यू का हवाला दे रही थीं जिसमें दीपिका ने कहा था कि वे राहुल गांधी को देश के प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती हैं. दीपिका पादुकोण के जेएनयू जाने के बाद से उनके इस इंटरव्यू का वीडियो वायरल हो रहा है.