भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था काफी खराब स्थिति में है. पीटीआई के मुताबिक उनका यह भी कहना है कि निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘कर आतंकवाद’ पर लगाम लगायी जानी चाहिए. राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी ने यह भी कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) को दो साल के लिए बंद कर दिया जाना चाहिए जो हाल में हिंसा की घटनाओं से सुर्खियों में है. उनके मुताबिक इसके अलावा हर विश्वविद्यालय परिसर में पुलिसकर्मियों की तैनाती हो.

सुब्रमण्यम स्वामी ने ये बातें अहमदाबाद में एक कार्यक्रम के इतर कहीं. उन्होंने कहा, ‘अर्थव्यवस्था की स्थिति काफी खराब है. सब कुछ नीचे की ओर जा रहा है. यदि ऐसा ही जारी रहा तो बैंकों का कामकाज बंद हो जाएगा, एनबीएफसी बंद हो जाएंगे और इसके काफी खराब परिणाम होंगे.’ उन्होंने आगे कहा, ‘जो उपाय किए जा सकते हैं उनमें पहले आयकर को समाप्त करने की जरूरत है. हमारे देश में कर आतंकवाद पर लगाम लगाने की जरूरत है ताकि लोग निवेश शुरू करें और ‘टैक्समैन’ से डरें नहीं.’ सुब्रमण्यम स्वामी का कहना था, ‘वर्तमान में हम जिस समस्या का सामना कर रहे हैं, वह है मांग की कमी. हमारे पास अच्छी आपूर्ति है. इसलिए सरकार को नोट छापने और इसे लोगों के हाथों में देने की जरूरत है, जिससे कि मांग बढ़े.’

दिल्ली स्थित जेएनयू में हाल ही में हुई हिंसा के बारे में पूछे जाने पर सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय परिसर में अमेरिका की तरह पुलिस की उपस्थिति होनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘जेएनयू जैसे विश्वविद्यालयों में केवल पुलिस ही नहीं बल्कि सीआरपीएफ और बीएसएफ भी होनी चाहिए.’ विवादास्पद बयान देने के लिए जाने जाने वाले सुब्रमण्मय स्वामी ने कहा कि जेएनयू को दो साल के लिए बंद कर दिया जाना चाहिए और उसके ‘अच्छे छात्रों’ को दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे अन्य विश्वविद्यालयों में स्थानांतरित कर दिया जाना चाहिए.