जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हिंसा के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को नौ संदिग्धों की तस्वीर जारी की. पुलिस का दावा है कि जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष उनमें से एक थीं. इस खबर को आज के ज्यादातर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट सहित तमाम सुविधाओं पर लगी पाबंदियों की हफ्ते भर के भीतर समीक्षा का निर्देश दिया है. अदालत ने कहा कि इन पाबंदियों के कारण भी विस्तार से प्रकाशित किए जाएं. यह खबर भी आज के सभी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है.

कन्नौज में ट्रक-बस की भीषण टक्कर, 24 यात्री जिंदा जले

उत्तर प्रदेश के कन्नौज में एक बस और ट्रक की टक्कर में 24 लोग जिंदा जल गए. दैनिक भास्कर के मुताबिक यह बस कन्नौज से जयपुर जा रही थी. 22 यात्री जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं. हादसा जीटी रोड पर हुआ. टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक का डीजल टैंक फट गया और दोनों वाहनों में आग लग गई. हादसे के वक्त बस में 35 से ज्यादा लोग सवार थे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने का निर्देश दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख जताया है.

चंदा कोचर के खिलाफ ईडी की बड़ी कार्रवाई, 78 करोड़ की संपत्ति जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भ्रष्टाचार के मामले में आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर और उनके परिवार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. दैनिक जागरण के मुताबिक एजेंसी ने उनकी 78 करोड़ की संपत्तियां जब्त कर ली हैं. शुक्रवार को अधिकारियों ने बताया कि चंदा कोचर और उनके परिवार की संपत्तियों को जब्त करने के लिए मनी लांडिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अस्थाई आदेश जारी किया गया था. जब्त संपत्तियों में कोचर का मुंबई स्थित फ्लैट और उनके पति दीपक कोचर की एक कंपनी की कुछ संपत्तियां शामिल हैं. चंदा कोचर के खिलाफ यह कार्रवाई 2012 में आईसीआईसीआई बैंक से वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज को मिले 3,250 करोड़ रुपये के कर्ज के मामले में की गई है. वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज द्वारा दीपक कोचर की कंपनी में किए गए निवेश में गड़बड़ी के आरोपों के बाद चंदा कोचर ने अक्टूबर, 2018 में इस्तीफा दे दिया था.

बैंक मोबाइल वीडियो से केवाईसी कर सकेंगे

बैंक अब वीडियो के जरिए अपने ग्राहकों की केवाईसी(नो योर कस्टमर) कर सकेंगे. हिंदुस्तान के मुताबिक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने नियमों में इस बाबत संशोधन किया है. यानी अब केवाईसी की प्रक्रिया मोबाइल वीडियो बातचीत के आधार पर हो सकेगी. बैंकों, गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, वॉलेट सर्विस प्रोवाइडर्स और अन्य वित्तीय सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों के लिए यह बड़ी राहत की खबर है. इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले ग्राहकों को आसानी होगी और उनका खर्च भी घटेगा. इसके अलावा, केंद्रीय बैंक ने आधार और अन्य ई-दस्तावेजों के जरिए ईकेवाईसी और डिजिटल केवाईसी की सुविधा दी है.