सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान मृत सभी लोग पुलिस की गोली से मरे : अखिलेश यादव | रविवार, 05 जनवरी 2020

समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान मारे गये सभी लोगों की मौत पुलिस की गोली से हुई. पीटीआई के मुताबिक लखनऊ में विरोध प्रदर्शन के दौरान मारे गये वकील नामक युवक के परिजनों से मुलाकात के बाद अखिलेश ने यह बात कही.

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘वकील लखनऊ में हिंसक प्रदर्शन में शामिल नहीं था. सरकार को जांच करनी चाहिये कि किसकी गोली लगने से उसकी मौत हुई. उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस के पास है.’ अखिलेश यादव ने वकील के परिजन को वित्तीय सहायता, मकान और नौकरी देने की मांग करते हुए कहा कि हिंसा में मारे गये सभी लोगों के परिजनों को समुचित मुआवजा दिया जाना चाहिये. (विस्तार से)

दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, आठ फरवरी को वोटिंग, 11 को नतीजे | सोमवार, 06 जनवरी 2020

निर्वाचन आयोग ने आज दिल्ली विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा कर दी. पीटीआई के मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि राज्य में आठ फरवरी को वोटिंग होगी जबकि 11 फरवरी को नतीजे आएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में 13 हजार मतदान केंद्र बनाए जाएंगे और 90 हजार कर्मचारी यह सुनिश्चित करेंगे कि सब कुछ ठीक से हो. इसके साथ ही दिल्ली में चुनाव आचार संहिता भी लागू हो गई. यानी अब सरकार की तरफ से कोई नई घोषणा नहीं की जा सकती. 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल 22 फरवरी को समाप्त हो रहा है. (विस्तार से)

जेएनयू हिंसा : छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष के खिलाफ एफआईआर | मंगलवार, 07 जनवरी 2020

दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई हिंसा पर मचे सियासी घमासान के बीच पुलिस ने जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष और 19 अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. इन सभी पर चार जनवरी को यूनिवर्सिटी के सर्वर रूम में तोड़फोड़ करने और सिक्योरिटी गार्डों पर हमले का आरोप है. खबरों के मुताबिक ये सभी अगले सेमेस्टर के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को रोकने की कोशिश कर रहे थे.

इसके बाद पांच जनवरी को कुछ नकाबपोश हमलावरों द्वारा जेएनयू परिसर में हुई हिंसा में आइशी घोष घायल हो गई थीं. उन्होंने आरोप लगाया था कि यह हिंसा आरएएस से जुड़े कुछ प्रोफेसरों ने करवाई है. हिंसा में 36 छात्र घायल हो गए थे. (विस्तार से)

निर्भया कांड : चार दोषियों का डेथ वॉरंट जारी, 22 जनवरी को फांसी दी जाएगी | बुधवार, 08 जनवरी 2020

2012 में हुए निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को चारों दोषियों का डेथ वॉरंट जारी कर दिया. इसके मुताबिक, निर्भया मामले के चारों दोषियों को 22 जनवरी की सुबह सात बजे फांसी दी जाएगी.

मंगलवार को डेथ वॉरंट जारी करने से पहले पटियाला हाउस कोर्ट के जज ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चारों दोषियों से बात की. इस दौरान मीडिया को भी अदालत के अंदर जाने से रोक दिया गया. इसके बाद अदालत ने 22 जनवरी का डेथ वॉरंट जारी कर दिया. अदालत ने यह भी कहा कि इस बीच दोषी क्यूरेटिव याचिका दाखिल कर सकते हैं. निर्भया कांड के दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा कि डेथ वॉरंट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दाखिल की जाएगी. (विस्तार से)

महाराष्ट्र सरकार के पास जज लोया मौत मामले की दोबारा जांच कराने का विकल्प खुला : मंत्री | गुरूवार, 09 जनवरी 2020

महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार के पास सीबीआई के विशेष न्यायाधीश बीएच लोया की मौत की जांच दोबारा कराने का विकल्प खुला है.

महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने पत्रकारों से कहा, ‘हमारी सरकार के पास जज लोया मौत मामले की दोबारा जांच कराने का विकल्प खुला है. कुछ लोग मामले को दोबारा खोलने की मांग को लेकर मुझसे मिलने वाले हैं.’ जब देशमुख से पूछा गया कि क्या लोया का परिवार उनसे मिलने वाला है, तो उन्होंने कहा कि वह इसका खुलासा नहीं करना चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सभी चीजों को परखने के बाद अगर जरूरी हुआ तो इस मामले की दोबारा जांच कराई जा सकती है. (विस्तार से)

सुप्रीम कोर्ट ने साइरस मिस्त्री को टाटा समूह के मुखिया पद पर बहाल किए जाने पर रोक लगाई | शुक्रवार, 10 जनवरी 2020

सुप्रीम कोर्ट ने साइरस मिस्त्री को टाटा समूह के कार्यकारी चेयरमैन पद पर बहाल करने के राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के आदेश पर रोक लगा दी. टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे ने कहा कि एनसीएलएटी का यह फैसला एक न्यायिक खामी हो सकता है. संस्था ने यह फैसला बीते महीने सुनाया था. समूह की धारक यानी होल्डिंग कंपनी टाटा संस ने भी इस फैसले को अदालत में चुनौती दी थी. साइरस मिस्त्री को 2016 में अचानक टाटा समूह के मुखिया के पद से हटा दिया गया था. (विस्तार से)

जेएनयू हिंसा : ‘यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट’ व्हाट्स एप ग्रुप से 37 छात्रों की पहचान की गई | शनिवार, 11 जनवरी 2020

दिल्ली पुलिस ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में पांच जनवरी को हुई हिंसा के मामले में एक व्हाट्स एप ग्रुप से 37 लोगों को पहचानने की बात कही. पुलिस का कहना है कि इन लोगों पर भी हिंसा में शामिल होने का शक है.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने ‘यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट’ नाम के एक व्हाट्स एप ग्रुप की जांच की. पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस ग्रुप में 60 लोग थे, जिनमें से 37 लोगों को चिन्हित किया गया है. जेएनयू हिंसा के बाद इस ग्रुप से जुड़े कई चैट सामने आए थे, जिनमें वामपंथी छात्र संगठनों को निशाना बनाने की बात कही गई थी. (विस्तार से)

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