अमेरिकी रीटेल दिग्गज वॉलमार्ट भारत से अपनी ऑफलाइन दुकान समेटने वाली है. यानी उसे यहां रीटेल स्टोर वाली दुकानदारी में कोई भविष्य नहीं दिख रहा. खबरों के मुताबिक कंपनी ने अपने शीर्ष अधिकारियों में से एक तिहाई को निकाल दिया है. बताया जा रहा है कि छंटनी का दूसरा दौर अप्रैल में शुरू होगा. वॉलमार्ट दुनिया की सबसे बड़ी रीटेल कंपनी है.

वॉलमार्ट ने मुंबई स्थित अपना सबसे बड़ा वेयरहाउस बंद कर दिया है. उसने रीटेल स्टोर्स के विस्तार पर भी विराम लगा दिया है. माना जा रहा है कि कंपनी ऑफलाइन रीटेल ऑपरेशंस को बेच सकती है या फिर इसका विलय अपने ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट के साथ कर सकती है जिसे उसने 2018 में 16 अरब डॉलर में खरीदा था. अभी फ्लिपकार्ट भी घाटे में ही चल रही है. मार्च, 2019 में समाप्त वित्त वर्ष के दौरान उसे 17,231 करोड़ रुपए (2.42 अरब डॉलर) का घाटा हुआ था.

वॉलमार्ट ने करीब एक दशक पहले भारत में रीटेल ऑपरेशंस की शुरूआत की थी. लेकिन उसे काफी संघर्ष करना पड़ा. उसके इस संघर्ष की वजह रही किराना दुकानदारों के संरक्षण के लिए बनाई गई सरकारी नीतियां. भारत में एक करोड़ से भी ज्यादा किराना स्टोर्स हैं जिनके चलते सरकार पर लगातार विदेशी रीटेल कंपनियों पर लगाम लगाने का दबाव बना हुआ है.

उधर, इस नए घटनाक्रम पर वॉलमार्ट का कहना है कि वह हमेशा से यह कोशिश करती रही है कि कारोबार चलाने के और भी ज्यादा प्रभावी तरीके खोजे जाएं. कंपनी के मुताबिक इसके तहत ही समय-समय पर उसे अपने कॉरपोरेट ढांचे की समीक्षा करते रहनी होती है.