जेएनयू विवाद के बाद चर्चित अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की मौजूदगी वाले विज्ञापनों को लेकर कंपनियों ने अब अपनी रणनीति में बदलाव किया है. द इकनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक कुछ कंपनियां थोड़े समय के लिए इन विज्ञापनों की विजिबिलिटी कम कर रही हैं. मसलन एक कंपनी ने फैसला किया है कि दो हफ्ते तक उनके विज्ञापनों का प्रसारण रोक दिया जाए. कई कंपनियां भविष्य में स्टार्स को साइन करते वक्त अनुबंध में इस तरह की गतिविधियों से जुड़े जोखिम संबंधी प्रावधान शामिल करने की सोच रही हैं.

दीपिका पादुकोण फिलहाल 23 ब्रांडों का विज्ञापन कर रही हैं. इनमें ब्रिटैनिया, लॉरिआल, गुड डे और तनिष्क जैसे चर्चित ब्रांड शामिल हैं. अभी उन्हें किसी विज्ञापन से हटाया नहीं गया है. दीपिका पादुकोण बॉलीवुड की सबसे महंगी स्टार मानी जाती हैं. बताया जाता है कि वे एक विज्ञापन के लिए करीब आठ करोड़ रु लेती हैं.

दीपिका पादुकोण सात जनवरी को जेएनयू गई थीं और विश्वविद्यालय छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष से मिलकर उन्होंने घायल छात्रों के साथ अपना समर्थन जताया था. बाद में उनका कहना था कि उन्हें गर्व है कि देश का युवा देश के भविष्य के लिए अपनी राय जाहिर करने से नहीं डरता.

इसके बाद इस पर विवाद हो गया था. राजनीति से लेकर फिल्म जगत तक लोग दो भागों में बंट गए थे. एक वर्ग ने दीपिका पादुकोण को हिम्मती बताते हुए उनकी तारीफ की थी. उधर, दूसरे वर्ग ने कहा कि यह उनकी फिल्म छपाक के प्रमोशन का एक तरीका है. भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने कहा था कि दीपिका पादुकोण देश तोड़ने वालों के साथ खड़ी हैं.