बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि वे बिहार विधानसभा में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर चर्चा के लिए तैयार हैं. यह पहली बार है जब उन्होंने संसद द्वारा पारित इस कानून पर अपने रुख में पुनर्विचार का संकेत दिया है. नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने संसद में इसका समर्थन किया था. उधर, राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के बारे में नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में इसे लागू नहीं किया जाएगा. नीतीश कुमार का कहना था, ‘सीएए पर चर्चा होनी चाहिए. अगर हर कोई चाहता है तो सदन में इस पर चर्चा होगी. जहां तक एनआरसी का सवाल है, उसे बिहार में लागू करने का कोई औचित्य ही नहीं.’ नीतीश कुमार का यह बयान बिहार विधानसभा में कांग्रेस और आरजेडी के इस कानून को लेकर जेडीयू पर हमला करने के बाद आया है.

नए नागरिकता कानून को लेकर यह पहली बार है जब एनडीए के किसी घटक दल के मुखिया ने इस तरह की बात कही है. इससे पहले संसद में इसके पारित होने के बाद पार्टी उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने निराशा जाहिर की थी. बीते महीने जब कांग्रेस ने इस कानून विरोध में दिल्ली के राजघाट पर सत्याग्रह किया तो उन्होंने इसके लिए राहुल गांधी को बधाई दी थी. हाल में प्रशांत किशोर ने यह भी कहा था कि बिहार में एनआरसी को लागू नहीं किया जाएगा.