‘बिहार में एनआरसी का कोई औचित्य ही नहीं है.’

— नीतीश कुमार, बिहार के मुख्यमंत्री

इसके साथ ही नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि वे नए नागरिकता कानून को लेकर बहस के लिए तैयार हैं. वे एनडीए के किसी घटक दल के पहले मुखिया हैं जिसने इस कानून को लेकर यह बात कही है. देशव्यापी विरोध का सबब बने इस कानून से संबंधित विधेयक जब संसद में पारित हुआ था तो नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने उसे समर्थन दिया था.

‘मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप देश के किसी भी विश्वविद्यालय में जाकर वहां के छात्रों को बताएं कि आखिर आपने उनके लिए किया क्या है.’  

— राहुल गांधी, कांग्रेस नेता

राहुल गांधी ने यह बात आज नागरिकता कानून को लेकर दिल्ली में आयोजित विपक्षी पार्टियों की एक बैठक खत्म होने के बाद कही. उन्होंने दावा किया कि आज देश में किसान और छात्र केंद्र सरकार से बेहद गुस्सा हैं और उनके गुस्से की मुख्य वजह है बेरोजगारी और महंगाई. राहुल गांधी ने आरोप लगाा कि देश की मौजूदा सरकार हर मोर्चे पर फेल साबित हो चुकी है.


‘मुझे बिहारी कहलाने में शर्म महसूस होती है. अगर मेरी मौत हुई तो मुझे बिहार की धरती पर मत जलाना.’  

— पप्पू यादव, जन अधिकार पार्टी के नेता

पूर्व सांसद पप्पू यादव ने यह बात पूरे देश में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों की तुलना में बिहार के शांत होने पर कही. उन्होंने कहा, ‘जेएनयू पर हमला हुआ तो सभी विश्वविद्यालय सड़क पर थे. यहां तक कि आंध्र प्रदेश में प्रदर्शन हो रहा था, लेकिन बिहार में नहीं हुआ.’ उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला भी बोला. पप्पू यादव ने कहा, ‘वे (योगी आदित्यनाथ) आंदोलन कर रहे लोगों से बदला लेने की बात करते हैं. वह कहते हैं कि बदला लेंगे, क्या इन्हीं को बदला लेने आता है. आप शेर हो, तो सवाशेर भी हैं. मुसोलनी, हिटलर का इतिहास मिट गया तो तुम क्या चीज हो.’