जल्द ही हो सकता है कि संसद भवन की कैंटीन में सिर्फ शाकाहारी खाना मिले. टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक इस कैंटीन का ठेका बीकानेरवाला या हल्दीराम समूह को दिया जा सकता है. अभी इसे चलाने का जिम्मा भारतीय रेलवे की सबसिडियरी आईआरसीटीसी के पास है. बताया जा रहा है कि सरकारी कंपनी आईटीडीसी भी इस दौड़ में है.

हाल में संसद भवन की कैंटीन इस खबर के चलते सुर्खियों में आई थी कि यहां खाने पर मिलने वाली सब्सिडी खत्म हो जाएगी. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के सुझाव के बाद यह फैसला लिया गया था. सभी सांसदों ने इससे जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी.

बताया जाता है कि सांसदों के खाने की सब्सिडी पर सालाना 17 करोड़ रुपये का बिल आता है. 2016 में मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान कैंटीन में मिलने वाले खाने के दाम बढ़ाए गए थे. इसके बाद अब सब्सिडी खत्म करने का फैसला लिया गया है. फिलहाल कैंटीन में शाकाहारी थाली 30 रुपये की मिलती है. 2016 से पहले यह 18 रुपये में मिला करती थी.