जम्मू-कश्मीर में तैनात रहे डीएसपी देविंदर सिंह के मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई है. जांच एजेंसी जल्द ही निलंबित डीएसपी और उसके साथ पकड़े गए दो आतंकियों को अपनी हिरासत में ले लेगी. एनआईए पुलवामा में बीते चार वर्षो के दौरान हुए विभिन्न आतंकी हमलों की जांच भी कर रही है. इनमें 2017 में पुलवामा पुलिस लाइन पर हुआ आतंकी हमला भी शामिल है जिसमें कई जानें गई थीं. डीएसपी देविंदर सिंह इस हमले के समय पुलवामा में ही तैनात था.

देविंदर सिंह के बारे में चौंकाने वाली नई-नई जानकारियां सामने आ रही हैं. बताया जा रहा है कि जल्द ही उसे एसपी पद पर प्रमोट किया जाने वाला था. देविंदर सिंह ने अमेरिका सहित 15 देशों के राजदूतों के उस प्रतिनिधिमंडल का स्वागत भी किया था कि जो हाल में जम्मू-कश्मीर के दौरे पर गया था. वह श्रीनगर एयरपोर्ट पर तैनात विशेष एंटी हाइजैकिंग यूनिट में तैनात था.

देविंदर सिंह को हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतंकियों के साथ एक कार से गिरफ्तार किया गया था. पूछताछ में उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. खबरों के मुताबिक इस पुलिस अधिकारी ने माना है कि उसने 12 लाख रु में आतंकियों को दिल्ली पहुंचाने की डील की थी. खुफिया सूत्रों ने बताया कि आतंकियों की योजना गणतंत्र दिवस के दौरान हमला करने की थी.

जांच में यह बात भी सामने आई है कि देविंदर सिंह आतंकियों से पैसे लेकर उन्हें बनिहाल सुरंग पार कराता था. वह खुद गाड़ी में इसलिए बैठा रहता था ताकि रास्ते में कोई रोक-टोक न हो. शुरुआती जांच से पता चला है कि डीएसपी ने कम से कम पांच बार आतंकियों को बनिहाल सुरंग पार कराने और उनके जम्मू में रहने का बंदोबस्त करने के बदले पैसे वसूले हैं.

वीरता पदक पा चुके देविंदर सिंह का नाम 2001 के संसद हमला मामले में भी सामने आया था. इसमें दोषी साबित हुए अफजल गुरु ने उसका जिक्र करते हुए अपने वकील को एक चिट्ठी लिखकर सनसनीखेज आरोप लगाए थे. उसके मुताबिक देविंदर सिंह ने उसे टॉर्चर करके उससे पैसे वसूले थे और संसद हमले में शामिल मोहम्मद नाम के एक आतंकी के साथ उसे दिल्ली भेजा था. अफजल गुरु के मुताबिक देविंदर सिंह ने उससे इस आतंकी के लिए दिल्ली में किराए पर घर लेने और उसके लिए कार का इंतजाम करने को कहा था. अब इस चिट्ठी की फिर से चर्चा होने लगी है. अफजल गुरु की पत्नी ने आरोप लगाया था कि उसने अपने गहने बेचकर देविंदर सिंह को एक लाख रु दिए थे जिसके बाद उसके पति को अवैध हिरासत से रिहा किया गया था.