उन्नाव गैंगरेप मामले में दोषी कुलदीप सिंह सेंगर ने तीस हजारी कोर्ट के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है. बीते 20 दिसंबर को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. भाजपा से निष्कासित किए जा चुके विधायक कुलदीप सेंगर पर अदालत ने 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था.

सजा पर हुई बहस के दौरान कुलदीप सिंह सेंगर के वकील ने अदालत से कहा था कि विधायक की पत्नी और दो बेटियां हैं, जो उन पर निर्भर हैं. इसे देखते हुए सजा में नरमी बरती जाए. पीड़िता के परिवार ने सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने पर संतोष जाहिर किया था. पीड़िता की तरफ से कहा गया था कि कुलदीप सिंह विधायक हैं और उन्होंने इस मामले में अपने पद का दुरुपयोग किया. पीड़िता के वकील का कहना था कि विधायक को अधिकतम सजा होनी चाहिए और बिना किसी राहत के उम्रकैद की सजा दी जानी चाहिए.

2017 में उन्नाव में कुलदीप सिंह सेंगर और उसके साथियों ने लड़की को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया था. बीते साल जुलाई में पीड़िता की कार की ट्रक से भिड़ंत हो गई थी. हादसे में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई थी. पीड़ित लड़की और उसके वकील तभी से दिल्ली के एम्स में भर्ती हैं. सेंगर फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं. इस मामले में कोर्ट ने सह-आरोपी शशि सिंह को बरी कर दिया था.