कश्मीर में एक महिला को प्रसव संबंधी समस्या होने पर भारतीय सेना के एक दल ने कमर तक गहरी बर्फ में पैदल चलकर उसे अस्पताल पहुंचाया. महिला ने अस्पताल में स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सेना को इस कार्य के लिए सलाम कहा है.

सेना के मुताबिक, उत्तरी कश्मीर स्थित बारामुला के तंगमर्ग क्षेत्र के दर्द पोरा गांव निवासी रियाज मीर ने मंगलवार को सेना के दल को कॉल कर सूचना दी कि उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा हो रही है और उसका परिवार भारी बर्फबारी के कारण उसे अस्पताल ले जाने में असमर्थ हैं. कॉल का उत्तर देने के बाद उपलोना गांव स्थित सेना के बेस कमांडर बिना समय गंवाए एक स्थानीय चिकित्सा अधिकारी के साथ बर्फ में पांच किलोमीटर पैदल चलकर रियाज मीर के पास पहुंचे. इसके बाद सेना की पूरी इकाई हरकत में आ गई और तुरंत तीन दल बनाए गए.

सेना के एक अधिकारी ने बताया कि एक दल ने सड़क का रास्ता साफ किया, दूसरे दल ने हेलीपैड तक बर्फ साफ की और तीसरे ने कनिसपोरा तक बर्फ हटाकर बारामुला जिला मुख्यालय से क्षेत्र को जोड़ने वाला रास्ता साफ किया. सेना के सौ से अधिक जवानों और 25 नागरिकों ने छह घंटे चले अभियान में हिस्सा लिया और महिला को स्ट्रेचर पर लिटाकर कमर तक गहरी बर्फ में पैदल चलकर उपलोना लाए. उपलोना पहुंचकर महिला को सेना की एंबुलेंस में सेना के एक चिकित्सा अधिकारी के साथ बारामुला अस्पताल भेज दिया गया. सेना के जवान रास्ते भर एम्बुलेंस के आगे बर्फ हटाते रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसके लिए ट्वीट कर सेना को बधाई दी है.

कश्मीर स्थित पंद्रहवीं कोर के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल के जेएस ढिल्लों ने कहा, ‘सेना के अधिकारियों और जवानों ने महिला को बचाने के लिए बहुआयामी रणनीति अपना कर प्रशसंनीय कार्य किया है.’ जनरल ढिल्लों ने बताया कि मुश्किल में फंसे नागिरकों की मदद करने के लिए ‘खैरियत’ दल बनाने के निर्देश दिए थे. इन दलों ने अपने मोबाइल नंबर गांव के निवासियों को दिए हैं ताकि वे आपातकालीन स्थिति में सेना से संपर्क कर सकें.