अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. उनके खिलाफ अब संसद के ऊपरी सदन सीनेट में महाभियोग की कार्यवाही को मंजूरी मिल गयी है. बुधवार को निचले सदन ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेन्टेटिव्स’ यानी प्रतिनिधि सभा में महाभियोग की कार्यवाही सीनेट में चलाए जाने को लेकर मतदान हुआ. इसमें 228 सांसदों ने सीनेट में कार्यवाही शुरू करने के पक्ष में और 193 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया.

पीटीआई के मुताबिक इसके बाद अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैन्सी पैलोसी ने महाभियोग के तहत लगाए गए आरोपों पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान पैलोसी ने कहा, ‘हमारे देश के लिए यह बेहद दुखद, बेहद त्रासदीपूर्ण है कि राष्ट्रपति ने हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करने, अपने पद की शपथ का उल्लंघन करने और हमारी चुनावी सुरक्षा को खतरे में डालने की कोशिश की.’

अमेरिकी मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक सीनेट में 21 जनवरी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की सुनवाई शुरू हो सकती है.

बीते 18 दिसंबर को अमेरिकी संसद के निचले सदन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग को मंजूरी दी थी. अमेरिकी इतिहास में डोनाल्ड ट्रंप ऐसे तीसरे राष्ट्रपति हैं जिनके खिलाफ महाभियोग को मंजूरी दी गई है. हालांकि वहां अभी तक किसी भी राष्ट्रपति को महाभियोग की प्रक्रिया से नहीं हटाया जा सका है. इस समय अमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन सांसदों का नियंत्रण है, सो इस बार भी संभावना बहुत कम ही है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके पद से हटाया जा सकेगा.

डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में अपने संभावित प्रतिद्वंदी जो बिडेन की छवि खराब करने के लिए यूक्रेन से गैरकानूनी रूप से मदद मांगी. बिडेन के बेटे यूक्रेन की एक ऊर्जा कंपनी में बड़े अधिकारी के पद पर हैं.

डोनाल्ड ट्रंप पर दो मुख्य आरोप हैं. पहला यह कि उन्होंने सत्ता का दुरुपयोग किया. यह यूक्रेन पर जांच के लिए दबाव डालने से जुड़ा है. दूसरा आरोप यह है कि उन्होंने संसद के काम में बाधा डालते हुए अपने राजनीतिक लाभ के लिए यूक्रेन को मिलने वाली आर्थिक मदद को रोक दिया. हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने इन दोनों आरोपों को खारिज किया है.