दिल्ली में शुरू हुए रायसीना डायलॉग-2020 में गुरुवार को भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने शिरकत की. इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान को सख्त लहजे में चेतावनी दी. बिपिन रावत ने कहा, ‘आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हो रही है. यह आगे भी जारी रहेगी. जब तक हम आतंकवाद की जड़ तक नहीं पहुंच जाते, तब तक हमें मजबूरन इसके साथ ही रहना होगा. आतंक के खात्मे के लिए हमें अमेरिका की राह पर चलना होगा. अमेरिका ने 9/11 आतंकी हमले के बाद आतंकवाद के खात्मे की दिशा में सख्ती से कदम बढ़ाए.’

जनरल बिपिन रावत का आगे कहना था, ‘जब तब आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देश हैं, तब तक हमें इस खतरे का सामना करते रहना होगा. हमें इससे निर्णायक ढंग से निपटना होगा. अगर हमें ऐसा लगता है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई खत्म होने वाली है, तो हम गलत हैं...ऐसे लोग साथी नहीं हो सकते जो आतंकवाद पर वैश्विक युद्ध में भागीदारी कर रहे हों और आतंकवाद को प्रायोजित भी कर रहे हों. हमें इन देशों को राजनयिक स्तर पर अलग-थलग करना चाहिए.’

अपने संबोधन के दौरान जनरल बिपिन रावत ने पाकिस्तान के खिलाफ फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की कार्रवाई को सही ठहराया. उन्होंने कहा , ‘कोई भी देश जो आतंकवाद को पनाह देता है उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. मुझे लगता है कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स द्वारा उस देश को ब्लैकलिस्ट करना एक अच्छा तरीका है.’