जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर ने कहा है कि वह अपने हवाई अड्डा कारोबार की 49 फीसदी हिस्सेदारी टाटा समूह की कंपनी टीआरआईएल अर्बन ट्रांसपोर्ट को बेचेगी. इसमें सिंगापुर की सरकारी निवेश कंपनी जीआईसी और एसएसजी कैपिटल मैनेजमेंट की भी हिस्सेदारी होगी. ये दोनों कंपनियां दुनियाभर में टाटा के साथ मिलकर कारोबार करती हैं.

पीटीआई के मुताबिक गुरूवार को जीएमआर की ओर से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) को यह जानकारी दी गयी है. जीएमआर ने बताया है कि उसने टाटा समूह की कंपनी टीआरआईएल को 44.44 प्रतिशत के बजाय 49 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया है. हालांकि, सौदे में हुए इस बदलाव को अभी नियामकीय मंजूरियां नहीं मिली हैं.

बीते साल लंबे दौर की बातचीत के बाद जीएमआर इन्फ्रास्ट्रक्चर ने टाटा समूह को अपने हवाई अड्डा कारोबार की करीब 45 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की घोषणा की थी. बीते अक्टूबर में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने इस सौदे को मंजूरी भी दे दी थी. इस सौदे के तहत जीएमआर एयरपोर्ट लिमिटेड में टाटा समूह को करीब 20 फीसदी, उसकी सहयोगी कंपनी जीआईसी को करीब 15 और एसएसजी को तकरीबन 10 फीसदी हिस्सेदारी देना तय हुआ था. यह सौदे की कुल कीमत 8,000 करोड़ रुपए थी.

खबरों के मुताबिक जीएमआर पर इस समय करीब 20,000 करोड़ रुपए का कर्ज है. जाहिर है कि इस सौदे से कंपनी को अपने ऊपर चढ़ा कर्ज उतारने में मदद मिलेगी.