शिवसेना नेता संजय राउत ने भारी विवाद के बाद अपना वह बयान वापिस ले लिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला से मिलने मुंबई आया करती थीं. राउत के इस बयान पर महाराष्ट्र सरकार में शिवसेना की सहयोगी कांग्रेस की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी.

महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मिलिंद देवरा ने ट्वीट के जरिए आपत्ति जताते हुए कहा कि ‘इंदिरा गांधी एक सच्ची देशभक्त थीं जिन्होंने कभी भी देश की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया. मैं राउत जी से उनकी गलत जानकारी वाला बयान वापिस लेने की मांग करता हूं.’ अपने ट्वीट में देवरा ने दिवंगत प्रधानमंत्रियों के बारे में टिप्पणी करते समय राजनेताओं को संयम बरतने की भी सलाह दी.

वहीं महाराष्ट्र कांग्रेस के एक अन्य कद्दावर नेता संजय निरुपम ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिवसेना के कवि (संजय राउत) के लिए यही ठीक रहेगा कि वे दूसरों की कविताएं दोहराकर महाराष्ट्र का मनोरंजन करें. पर यदि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ कोई दुष्प्रचार किया तो इसके लिए उन्हें पछताना पड़ेगा.

बात को बिगड़ता देख राज्यसभा सांसद संजय राउत ने ट्वीट कर सफाई दी कि ‘कलीम लाला पठान समुदाय का नेता था जो पख़्तून-ए-हिंद नाम की संस्था का नेतृत्व करता था. इसी की बदौलत उसने कई बड़े नेताओं से मुलाकात की जिनमें इंदिरा गांधी भी शामिल थीं. जो लोग मुंबई का इतिहास नहीं जानते हैं वे ही मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं.’

खबरों के मुताबिक संजय राउत ने यह भी कहा है कि, ‘इससे पहले कई मौकों पर मैंने उनका (इंदिरा गांधी) पक्ष लिया है और उन लोगों का विरोध किया जो उनकी छवि को धूमिल करना चाहते थे… अगर किसी को लगता है कि मेरी बात से इंदिरा गांधी जी की छवि को धक्का लगा है या किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं अपने बयान को वापिस लेता हूं.’

संजय राउत ने यह विवादित बयान बुधवार को एक साक्षात्कार के दौरान दिया था. मुंबई में अंडरवर्ल्ड के दौर का जिक्र करते हुए उन्होंने यह भी कहा था कि ‘एक दौर था जब दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील और शरद शेट्टी जैसे डॉन तय किया करते थे कि कौन मुंबई का पुलिस कमिश्नर बनेगा और कौन मंत्रालय में बैठेगा. जब हाजी मस्तान मंत्रालय गया था तो पूरा सचिवालय उसे देखने नीचे आया था. हमने अंडरवर्ल्ड का वो दौर देखा है, लेकिन अब यहां सिर्फ चिल्लर हैं. मैंने 1993 मुंबई सीरियल धमाके में प्रमुख आरोपी दाऊद इब्राहिम से भी मुलाकात की थी और उसे लताड़ लगाई थी.’