भारत में बनी अत्याधुनिक 51वीं के-9 वज्र तोप अब सेना के इस्तेमाल के लिए तैयार है. गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस तोप को सूरत के हजीरा में हरी झंडी दिखाई. के-9 वज्र तोप का निर्माण निजी कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ने किया है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मौके पर कहा, ‘आज, जब मैं के-9 वज्र-टी तोप को देखता हूं तो मैं मजबूत तोप तो देखता ही हूं, लेकिन इससे ज्यादा मैं एक मजबूत भारत देखता हूं. रक्षा क्षेत्र में यह ‘मेक इन इंडिया’ का बेहतरीन उदाहरण है.’ रक्षा मंत्री ने आगे कहा, ‘भारत में कई ऐसे क्षेत्र थे जिनमें निजी सेक्टरों की प्रतिभागिता लगभग न के बराबर थी और रक्षा क्षेत्र उनमें से एक था. लेकिन ‘मेक इन इंडिया’ के तहत सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिनसे देश भविष्य में हथियार निर्यातक बनेगा.’

रक्षा मंत्रालय ने ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारतीय सेना के लिए एलएंडटी कंपनी से 2017 में के9 वज्र-टी 155मिमी/52 कैलीबर तोपों की आपूर्ति के लिए 4,500 करोड़ रुपये का करार किया था. इसके तहत इस श्रेणी की 100 तोपों की आपूर्ति की जानी है. मंत्रालय द्वारा किसी निजी कंपनी को दिया गया यह अब तक सबसे बड़ा सौदा है. इस तोप का वजन 50 टन है और यह 47 किलोग्राम के गोले 43 किलोमीटर की दूरी तक के लक्ष्य पर दाग सकती है.