चर्चित इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि परिश्रम और खुद के बूते आगे आए नरेंद्र मोदी के सामने वंशवादी राजनीति वाले राहुल गांधी कहीं नहीं टिकते. उन्होंने यह बात केरल के कोच्चि में एक आयोजन में कही. रामचंद्र गुहा का यह भी कहना था कि केरल ने राहुल गांधी को संसद भेजकर बड़ी गलती की है.

रामचंद्र गुहा ने कहा कि आजादी के दिनों वाली महान पार्टी कांग्रेस आज एक परिवार की ऐसी कंपनी के रूप में तब्दील हो चुकी है जिसकी हालत दयनीय है. उनके मुताबिक भारत में हिंदुत्व और अंधराष्ट्रवाद के इस उभार के पीछे की एक वजह यह भी है. रामचंद्र गुहा का कहना था, ‘मेरी राहुल गांधी से कोई निजी दुश्मनी नहीं है. वे एक अच्छे व्यक्ति हैं. उनका व्यवहार अच्छा है. लेकिन नौजवान भारत पांचवीं पीढ़ी के किसी वंशवादी को नहीं चाहता.’

रामचंद्र गुहा के मुताबिक नरेंद्र मोदी के पास एक बड़ा ‘एडवांटेज’ यह है कि वे राहुल गांधी नहीं हैं बल्कि ‘सेल्फ मेड’ हैं. उन्होंने कहा, ‘नरेंद्र मोदी ने एक राज्य को 15 साल चलाया है. उनके पास प्रशासनिक अनुभव है. वे असाधारण रूप से मेहनती हैं और वे कभी यूरोप घूमने के लिए छुट्टी नहीं लेते. विश्वास कीजिए, मैं ये सब पूरी गंभीरता से कह रहा हूं.’ उनका आगे कहना था, ‘हालांकि अगर राहुल गांधी इससे कहीं ज्यादा बुद्धिमान और मेहनती होते और यूरोप जाने के लिए छुट्टी नहीं भी लेते तो भी वे खुद के बूते आगे आए एक शख्स के आगे नहीं ठहर पाते.’

रामचंद्र गुहा ने सोनिया गांधी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष उन्हें उस मुगल सल्तनत के आखिरी दिनों की याद दिलाती हैं जो अपने साम्राज्य की बदहाली से बेखबर थी. रामचंद्र गुहा ने कहा, ‘भारत की प्रकृति में लोकतांत्रिकता बढ़ रही है और सामंतवाद घट रहा है और गांधी परिवार को यह बात समझ में ही नहीं आ रही. आप (सोनिया गांधी) दिल्ली में हैं. आपका राज्य लगातार सिकुड़ रहा है. लेकिन आपके चमचे आपको बता रहे हैं कि आप अब भी बादशाह हैं.’