प्रिंस हैरी और उनकी पत्नी मेगन मर्केल के शाही उपाधियां छोड़ने के फैसले पर ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने अंतिम मुहर लगा दी है. प्रिंस हैरी और महारानी के बीच हुए एक समझौते में तय हुआ है कि शाही परिवार की सदस्यता छोड़ने के बाद हैरी और उनकी पत्नी शाही उपाधि ‘रायल हाइनेस’ और सार्वजनिक कोष का इस्तेमाल नहीं करेंगे. इस समझौते के तहत प्रिंस हैरी और मेगन मर्केल कनाडा में अधिक निजी समय व्यतीत कर सकेंगे.

पीटीआई के मुताबिक बकिंघम पैलेस ने शनिवार को इस समझौते की घोषणा की. पिछले दिनों प्रिंस हैरी और मेगन ने शाही कर्तव्यों से अलग होने की घोषणा करके सभी को हैरान कर दिया था. इसके बाद से ही महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के साथ दंपति की निजी वार्ताएं शुरू हुई थीं.

शनिवार को 93 वर्षीय ब्रिटेन की महारानी ने एक बयान में कहा, ‘कई महीनों की बातचीत और हाल में हुई वार्ता के बाद मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमने मिलकर मेरे पोते और उसके परिवार के लिए एक रचनात्मक और सहयोगात्मक मार्ग खोज निकाला है.’

उन्होंने कहा कि उनके हर कदम पर पिछले दो साल से जिस तरह नजर रखी जा रही है, उसके परिणामस्वरूप उनके सामने आने वाली चुनौतियों को वह समझती हैं. वह एक अधिक स्वतंत्र जीवन जीने की इन दोनों की इच्छा का समर्थन करती हैं.

महारानी का इशारा उन घटनाओं की ओर था, जब हैरी एवं मेगन के निजी जीवन में ताक-झांक करने को लेकर दंपति ने अक्टूबर में कई समाचार पत्रों के खिलाफ मुकदमा किया था.

महारानी एलिजाबेथ ने आगे कहा, ‘मुझे खासकर मेगन मर्केल पर गर्व है, जो बहुत जल्द परिवार का हिस्सा बन गई. मैं दंपति को खुशहाल एवं शांतिपूर्ण नए जीवन की शुभकामनाएं देती हूं.’

प्रिंस हैरी और मेगन मर्केल अभी तक ‘ड्यूक एवं डचेज ऑफ ससेक्स’ के तौर पर जाने जाते थे. लेकिन बकिंघम पैलेस की ओर से साफ़ कर दिया गया है कि अब ड्यूक ऑफ ससेक्स हैरी और डचेस ऑफ ससेक्स मेगन ‘हिज रॉयल हाइनेस’ और ‘हर रॉयल हाइनेस’ की उपाधि का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे.