जम्मू-कश्मीर : हिजबुल के आतंकियों को कश्मीर घाटी ले जा रहा डीएसपी गिरफ्तार | रविवार, 12 जनवरी 2020

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में चेकिंग के दौरान हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतंकियों के साथ राज्य पुलिस के एक डीएसपी को भी पकड़ा गया. पीटीआई के मुताबिक रविवार को जिस वक़्त इन आतंकियों को पकड़ा गया उस वक़्त उनके साथ गाड़ी में जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी दविंदर सिंह भी मौजूद थे.

इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस मामले को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. आईजी विजय कुमार ने पत्रकारों से कहा, ‘दविंदर सिंह ने आतंकवाद विरोधी अभियान में बहुत काम किया है. लेकिन जिन परिस्थितियों में उन्हें गिरफ्तार किया गया है, वह एक जघन्य अपराध है. वो आतंकियों को बिठाकर गाड़ी पर ले जा रहे थे. दविंदर सिंह के साथ आतंकवादियों जैसा ही सलूक किया जा रहा है और सभी सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से उनसे पूछताछ कर रही है.’

ममता बनर्जी के बाद अब मायावती और आप ने भी विपक्षी दलों की बैठक का बायकॉट किया | सोमवार,13 जनवरी 2020

संशोधित नागरिकता कानून, 2019 (सीएए) के मुद्दे पर देश के कई विश्वविद्यालयों में हिंसा से पैदा हुई स्थिति पर चर्चा के लिए सोमवार को विपक्षी दलों की एक बैठक हुई. यह बैठक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुलाई. उधर, तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के बाद बसपा मुखिया मायावती और आम आदमी पार्टी ने भी इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया.

ममता बनर्जी ने यह फैसला बीते बुधवार को ट्रेड यूनियनों के बंद के दौरान राज्य में वामपंथी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा की गई हिंसा के विरोध में लिया है. 24 घंटे के इस राष्ट्रव्यापी बंद के दौरान पश्चिम बंगाल में हिंसा और आगजनी की कई घटनाएं हुई थीं. ममता बनर्जी ने कहा कि वामपंथियों और कांग्रेस के ‘दोहरे मानदंड’ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि वे हिंसा का समर्थन नहीं करतीं और अगर जरूरत पड़ी तो वे अकेले लड़ेंगी.

मायावती ने एक ट्वीट में लिखा, ‘जैसा कि विदित है कि राजस्थान में कांग्रेसी सरकार को बीएसपी का बाहर से समर्थन दिये जाने पर भी, इन्होंने दूसरी बार वहां बीएसपी के विधायकों को तोड़कर उन्हें अपनी पार्टी में शामिल करा लिया है जो यह पूर्णतयाः विश्वासघाती है. ऐसे में कांग्रेस के नेतृत्व में आज विपक्ष की बुलाई गई बैठक में बीएसपी का शामिल होना, यह राजस्थान में पार्टी के लोगों का मनोबल गिराने वाला होगा. इसलिए बीएसपी इनकी इस बैठक में शामिल नहीं होगी.’

नए नागरिकता कानून के खिलाफ केरल सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, इसे संविधान के खिलाफ बताया | मंगलवार,14 जनवरी 2020

केरल सरकार ने नए नागरिकता कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. ऐसा करने वाला वह पहला राज्य बन गया. केरल की वाम मोर्चा सरकार ने अपनी याचिका में कहा है कि नया नागरिकता कानून संविधान के कई अनुच्छेदों का उल्लंघन करता है जिसमें समानता का अधिकार भी शामिल है. उसका यह भी कहना है कि यह कानून धर्मनिरपेक्षता के उस बुनियादी सिद्धांत के भी खिलाफ है जो संविधान का हिस्सा है. देश भर में विरोध प्रदर्शनों का सबब बने इस कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहले ही 60 याचिकाएं लगाई जा चुकी हैं जिनकी सुनवाई हो रही है.

नए नागरिकता कानून में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत आने वाले गैर मुस्लिमों को आसानी से नागरिकता देने का प्रावधान है. लेकिन इसका तीखा विरोध हो रहा है. विपक्ष इसे भारत की आत्मा पर हमला बता रहा है. सरकार इस आरोप को खारिज कर रही है. उसका यह भी कहना है कि इस कानून से कदम पीछे खींचने का कोई सवाल ही नहीं है. बीते महीने कानून के विरोध में उत्तर प्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में हिंसा हुई थी. उसमें 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. उधर, इस मसले पर कल विपक्षी पार्टियों ने कांग्रेस की अगुवाई में एक बैठक भी की थी. इसमें विरोध प्रदर्शन को तेज करने पर सहमति बनी है.

भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को जमानत मिली | बुधवार, 15 जनवरी 2020

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को जमानत दे दी. चंद्रशेखर पर आरोप है कि उन्होंने 20 दिसंबर को दिल्ली के जामा मस्जिद में सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान लोगों को भड़काया था.

बुधवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कामिनी लाउ ने आजाद को 25 हजार रुपये का जमानत बांड पेश करने पर जमानत दी. पीटीआई के मुताबिक चंद्रशेखर को कुछ अन्य शर्तें भी पूरी करने के लिए कहा गया है. उन्हें जमानत देते हुए अदालत ने कहा कि वह चार हफ्तों तक दिल्ली नहीं आ सकेंगे और चुनावों तक कोई धरना आयोजित नहीं करेंगे. उन्हें चार हफ्ते तक हर शनिवार को सहारनपुर थाने में जाकर हाज़िरी लगाने को भी कहा गया है. फैसले में कोर्ट ने चंद्रशेखर आजाद को यह भी हिदायत दी है कि वह दिल्ली के शाहीन बाग नहीं जाएंगे.

टाटा समूह जीएमआर के हवाई अड्डा कारोबार में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगा | गुरूवार, 16 जनवरी 2020

जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर ने कहा है कि वह अपने हवाई अड्डा कारोबार की 49 फीसदी हिस्सेदारी टाटा समूह की कंपनी टीआरआईएल अर्बन ट्रांसपोर्ट को बेचेगी. इसमें सिंगापुर की सरकारी निवेश कंपनी जीआईसी और एसएसजी कैपिटल मैनेजमेंट की भी हिस्सेदारी होगी. ये दोनों कंपनियां दुनियाभर में टाटा के साथ मिलकर कारोबार करती हैं.

पीटीआई के मुताबिक गुरूवार को जीएमआर की ओर से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) को यह जानकारी दी गयी है. जीएमआर ने बताया है कि उसने टाटा समूह की कंपनी टीआरआईएल को 44.44 प्रतिशत के बजाय 49 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया है. हालांकि, सौदे में हुए इस बदलाव को अभी नियामकीय मंजूरियां नहीं मिली हैं.

महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास की अटकलें तेज, बीसीसीआई की अनुबंधित खिलाड़ियों की सूची से बाहर हुए | शुक्रवार, 17 जनवरी 2020

भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों की सूची से बाहर कर दिया गया. इसके बाद से धोनी के भविष्य को लेकर एक बार फिर अटकलें तेज हो गई. गुरूवार को बीसीसीआई ने अक्टूबर 2019 से सितंबर 2020 तक के लिये केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों के नाम का ऐलान किया. धोनी पिछले साल तक ए-ग्रेड खिलाड़ियों की सूची में शामिल थे और उन्हें सालाना पांच करोड़ रूपये मिलते थे.

अनुबंधों की नयी सूची में कप्तान विराट कोहली, उपकप्तान रोहित शर्मा और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पहले की तरह ही ए-प्लस ग्रेड में बने हुए हैं. इन तीनों को सात करोड़ रूपये प्रतिवर्ष मिलते हैं. महेंद्र सिंह धोनी बीते साल इंग्लैंड में खेले गए वनडे विश्वकप के बाद से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर हैं. उन्होंने अपनी भविष्य की योजनाओं पर चुप्पी साध रखी है. इस बारे में बीते दिसंबर में उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा था, ‘जनवरी 2020 तक मुझसे कुछ भी मत पूछो.’

निर्भया कांड के चारों दोषियों का नया डेथ वारंट जारी, अब एक फरवरी को फांसी दी जाएगी | शनिवार, 18 जनवरी 2020

राष्ट्रपति द्वारा एक दोषी की दया याचिका खारिज किए जाने के बाद दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट अदालत ने शुक्रवार को निर्भया कांड के दोषियों के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी कर दिया. नए डेथ वारंट के मुताबिक, चारों दोषियों को एक फरवरी को सुबह छह बजे फांसी पर लटकाया जाएगा.

पटियाला हाउस कोर्ट अदालत ने इससे पहले भी निर्भया मामले के चारों दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी किया था. जिसके मुताबिक चारों को 22 जनवरी की सुबह सात बजे तिहाड़ जेल में फांसी दी जानी थी. लेकिन, इसी बीच इस मामले के एक दोषी मुकेश सिंह ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका दाखिल कर दी थी. जिसके बाद तय हो गया था कि इन चारों को 22 जनवरी को फांसी नहीं दी जा सकेगी. लेकिन राष्ट्रपित द्वारा दया याचिका खारिज करने के बाद अदालत ने नया डेथ वारंट जारी कर दिया है. जिसके मुताबिक, चारों दोषियों को एक फरवरी सुबह छह बजे फांसी दे दी जाएगी.

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