उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक विवादास्पद बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि जो लोग संशोधित नागरिता कानून (सीएए) के बारे में जानने के बाद भी इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं वे मानसिक रोगी हैं और उन्हें अपना इलाज कराने की जरूरत है.

पीटीआई के मुताबिक रविवार को केशव प्रसाद मौर्य ने वृन्दावन में संवाददाताओं से यह बात कही. उन्होंने कहा, ‘नागरिकता कानून का विरोध करने वाले सब कुछ जानकर भी अनजान बनने का प्रयास कर रहे हैं, या फिर उनका मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं है. इसके लिए उन्हें किसी अच्छे डॉक्टर को दिखाना चाहिए और ठीक तरह से अपना इलाज कराना चाहिए.’

इस दौरान जब संवाददाताओं ने उनसे दिल्ली के शाहीन बाग़ की तरह ही लखनऊ में भी सीएए के खिलाफ महिलाओं द्वारा धरना शुरू किए जाने लेकर सवाल किया तो उनका कहना था, ‘मुझे लगता है कि जो लोग सीएए कानून का विरोध कर रहे हैं, वे इस प्रकार से दिखा रहे हैं कि यह कानून नागरिकता छीनने के लिए बनाया गया है. जबकि सब जानते हैं कि यह कानून नागरिकता छीनने का नहीं, नागरिकता देने के संबंध में बनाया गया है. इसलिए इसके विरोध का मतलब ही नहीं बनता.’

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मथुरा में ब्रज के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा करोड़ों रुपयों की लागत से कराए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा करने एवं बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंचे थे.