भाजपा ने दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आप सरकार पर निर्भया मामले के चार दोषियों को फांसी की सजा से बचाने का आरोप लगाया है. रविवार को दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि निर्भया मामले के पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय आप सरकार इसके दोषियों की फांसी की सजा को टालने की कोशिश कर रही है.

मनोज तिवारी ने दिल्ली सरकार की वकील रहीं इंदिरा जयसिंह के उस बयान की भी निंदा की जिसमें जयसिंह ने पीड़िता के परिवार को दोषियों को माफ़ कर देने का सुझाव दिया था. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ वकील जयसिंह केजरीवाल सरकार से जुड़ी रही हैं, वे अदालत में केजरीवाल सरकार की पैरवी कर चुकी हैं, इसलिये उनके सुझाव के मद्देनजर दोषियों की सजा को अमल में लाने में हो रही देरी के पीछे आप सरकार पर सवाल उठना लाजिमी है.

पीटीआई के मुताबिक तिवारी ने दलील दी कि तिहाड़ जेल प्रशासन भी दिल्ली सरकार के मातहत है और इस जेल में बंद निर्भया मामले के दोषियों को 2017 में सुनाये गये एक अदालती फैसले से दो साल बाद 2019 में अवगत कराया गया. उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि पहले तो आप सरकार ने दोषियों को फांसी दिये जाने को विलंबित किया और अब जबकि सजा पर मंजूरी की हर तरफ से मुहर लग गयी है तब उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है.

तिवारी ने कहा कि जिस न्याय के लिये निर्भया का परिवार आठ साल से संघर्षरत है, उसे टालने का काम किसी अन्य पार्टी ने नहीं किया जैसा आम आदमी पार्टी ने किया.

2012 में पेरामेडीकल की छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद निर्मम हत्या कर दी थी. घटना की न्यायिक जांच और इसके दोषियों को फांसी की सजा सुनाये जाने के बाद सभी दया याचिकायें भी खारिज हो चुकी हैं.