यमन में एक सैन्य शिविर पर हुए ड्रोन हमले में 100 से अधिक सैनिकों की जान चली गई. यह हमला मारिब नाम के एक शहर में हुआ. इसमें सैकड़ों लोग घायल भी हुए हैं. पीटीआई के मुताबिक इन हमलों के लिए हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन समर्थित सरकार के बीच युद्ध चल रहा है. इस हमले से एक दिन पहले गठबंधन समर्थित सरकारी बलों ने राजधानी सना के उत्तर में स्थित नाहम क्षेत्र में हूती विद्रोहियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया था.

यमन ने राष्ट्रपति अबेदरब्बो मंसूर हादी ने इस हमले की निंदा की है. उन्होंने इसे कायराना कार्रवाई करार दिया है. उन्होंने कहा, ‘हूती मिलिशिया का यह शर्मनाक कदम इस बात की निस्संदेह पुष्टि करता है कि वह शांति का इच्छुक नहीं है, क्योंकि उसे मौत और विनाश के अलावा कुछ नहीं आता और वह क्षेत्र में ईरान का घटिया हथियार है.’ हालांकि हूती विद्रोहियों ने अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.