मलेशिया ने कहा है कि वह उससे पॉम ऑयल खरीद बंद करने के भारत के फैसले का जवाब नहीं दे सकता. वहां के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने यह बात कही है. उन्होंने कहा, ‘हम बहुत छोटे हैं, जवाब कैसे दें.’

मलेशिया पॉम ऑयल का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है और भारत इस खाद्य तेल का सबसे बड़ा आयातक. पिछले दिनों महातिर मोहम्मद ने नए नागरिकता कानून (सीएए) की आलोचना की थी. इसके बाद भारत ने उससे पॉम ऑयल मंगाना बंद कर दिया. इसते चलते मलेशिया का पॉम उद्योग संकट में आ गया है. महातिर मोहम्मद ने कहा, ‘हमें इस मुश्किल से पार पाने के तरीके खोजने पड़ेंगे.’ उन्होंने एक बार सीएए की आलोचना की और इसे भेदभावपूर्ण बताया.

भारत मलेशिया के जाकिर नाइक को शरण देने से भी नाराज है. मलेशिया ने इस विवादास्पद धर्म उपदेशक को स्थायी नागरिक यानी परमानेंट रेजीडेंट का दर्जा दे रखा है. उसे वहां गए तीन साल हो गए हैं. उस पर भारत में मनी लॉन्डरिंग जैसे कई आरोपों में मामले चल रहे हैं. भारत उसका प्रत्यर्पण चाहता है. उधर, महातिर मोहम्मद का कहना है कि अगर भारत जाकिर नाइक मामले की निष्पक्ष सुनवाई की गारंटी दे भी दे तो भी वहां वह सुरक्षित नहीं है.