‘जेएनयू के वीसी को हटाने की मांग अब उचित नहीं है.’  

— रमेश पोखरियाल, मानव संसाधन विकास मंत्री

रमेश पोखरियाल का यह बयान जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में फीस बढ़ोतरी के मुद्दे पर मचे बवाल के बीच आया है. उन्होंने कहा कि छात्रों की मूल मांग मान ली गई है और अब कुलपति एम जगदीश कुमार को हटाने की मांग ठीक नहीं. उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय में स्थिति अब सामान्य हो रही है.

‘यह घटना भुलाई जानी चाहिए लेकिन, ऐसा नहीं होना चाहिए कि इसे नकार ही दिया जाए.’  

— रजनीकांत, फिल्म अभिनेता

रजनीकांत ने यह बात प्रसिद्ध समाज सुधारक पेरियार को लेकर उनकी एक टिप्पणी पर विवाद के संदर्भ में कही. उनके मुताबिक उन्होंने जो कहा है वह तथ्यों पर आधारित है और वे माफी नहीं मांगेंगे. उन्होंने यह टिप्पणी कुछ दिन पहले एक पत्रिका के 50 साल पूरे होने के मौके पर हुए आयोजन में कही थी. रजनीकांत ने कहा था कि 1971 में पेरियार ने अंधविश्वास के खिलाफ एक रैली निकाली थी जिसमें राम और सीता की नग्न तस्वीरें प्रदर्शित की गई थीं. इसे लेकर उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है.


‘जिसमें भी हिम्मत है वह इस पर चर्चा करने के लिये सार्वजनिक मंच ढूंढ ले.’  

— अमित शाह, गृह मंत्री

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यह बात संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) का विरोध कर रहे विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कही. सीएए के समर्थन में लखनऊ में आयोजित एक जागरूकता रैली में उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों की आंखों पर वोट बैंक की पट्टी बंधी है. गृह मंत्री का यह भी कहना था कि सीएए नागरिकता छीनने का नहीं बल्कि देने का कानून है


‘मुझे पूरी दिल्ली की 70 सीटों पर चुनाव लड़ना है.’  

— मनोज तिवारी, दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष

मनोज तिवारी ने यह बात तब कही जब उनसे पूछा गया कि वे आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ क्यों नहीं लड़ रहे. दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा आगे न करने पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामों को लेकर जनता के बीच जा रही है.