दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन छह घंटे के इंतजार के बाद अरविंद केजरीवाल ने नई दिल्ली सीट से नामांकन दाखिल कर दिया है. करीब 50 निर्दलीय प्रत्याशियों के उनसे पहले चुनाव कार्यालय पहुंचने के चलते दिल्ली के मुख्यमंत्री को इतना लंबा इन्तजार करना पड़ा. इससे पहले सोमवार को भी अरविंद केजरीवाल नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए निकले थे, लेकिन रोड शो में काफी समय लग जाने के चलते वह पर्चा नहीं भर पाए थे.

मंगलवार को केजरीवाल के नामांकन में हुई देरी को आप नेताओं ने राजनीतिक साजिश बताया है. डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने अपने एक ट्वीट में लिखा, ‘बीजेपी वालों! चाहे जितनी साजिश कर लो! अरविंद केजरीवाल को न नॉमिनेशन भरने से रोक पाओगे और न ही तीसरी बार दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने से. तुम्हारी साजिशें कामयाब नही होंगी.’

अरविंद केजरीवाल के नामांकन दाखिल करने के बाद आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘राजनीति में सबको चुनाव लड़ने का हक है. ये लोग (निर्दलीय प्रत्याशी) पिछले कई दिनों से टोकन ले रहे थे. कल भी 50 लोगों ने टोकन लिया और नामांकन दाखिल नहीं किया क्योंकि अरविंद केजरीवाल कल नहीं आए. ये संगठित ग्रुप था जो साजिश के तहत आया था.’

आप नेताओं के इन आरोपों पर चुनाव आयोग की तरफ से सफाई दी गयी है. चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा है, ‘सोशल मीडिया से जानकारी मिली है कि केजरीवाल के नामांकन में रिटर्निंग ऑफिसर ने देरी की है और 30-35 मिनट तक उनका नामांकन पत्र जांचा है...उपरोक्त जानकारी भ्रामक है और चुनाव मशीनरी की ओर से जानबूझकर कोई देरी नहीं की गई है. एक प्रक्रिया होती है, आरओ उम्मीदवारों से नामांकन प्राप्त करते समय उसका पालन करता है.’