चीन में सार्स जैसे एक नए वायरस की चपेट में आने से अब तक 17 लोगों की मौत हो गई है. इसे कोरोना वायरस कहा जा रहा है. देश में इसके करीब 571 मामले सामने आ चुके हैं. पीटीआई के मुताबिक इसका कहर सबसे ज्यादा चीन के मध्य हिस्से में पड़ने वाले शहर वुहान में है. यहां विमान सेवाओं सहित सभी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं.

वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा इस मुद्दे पर विएना में बुधवार को हुई आपातकालीन बैठक आज भी जारी है. इसमें इस संक्रमण को अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली जन स्वास्थ्य आपदा घोषित करने पर विचार किया जा रहा है, जैसा कि स्वाइन फ्लू और इबोला के समय किया गया था. डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम गेबेरियस ने कहा कि चीन बेहद बड़े कदम उठा रहा है ताकि इस वायरस को दुनियाभर में फैलने से रोका जा सके.

चिंता इसलिए भी है कि चीनी नववर्ष के मौके पर 24 जनवरी से छुट्टियां शुरू हो रही हैं. इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के चीन और वुहान पहुंचने का अनुमान है जो लौटते हुए वायरस अपने साथ ला सकते हैं. स्थानीय लोगों से मास्क पहनने को कहा गया है.

इस बीच, वुहान शहर में बड़ी संख्या में मौजूद भारतीय छात्र हालात पर बेचैनी के साथ नजर रखे हुए हैं जहां स्थानीय अधिकारियों ने बुधवार को लोगों से शहर में और शहर के बाहर यात्रा न करने को कहा है. यहां करीब 700 भारतीय रहते हैं जिनमें अधिकतर छात्र हैं. भारत इस मामले में पहले ही यात्रा परामर्श जारी कर चुका है और देश के सात हवाई अड्डों पर चीन से आने वाले लोगों की कड़ी जांच हो रही है.