बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि उन्हें नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर बहस करने की केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की चुनौती स्वीकार है. एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि इस चुनौती को बसपा किसी भी मंच पर और कहीं भी स्वीकार करने को तैयार है. मायावती का यह भी कहना था कि सीएए के विरोध में युवाओं और महिलाओं के आंदोलन से केंद्र सरकार परेशान हो गई है.

गृह मंत्री अमित शाह ने यह चुनौती पिछले दिनों लखनऊ में दी थी. वे सीएए को लेकर एक जागरूकता रैली में बोल रहे थे. अमित शाह का कहना था कि इस कानून से किसी की नागरिकता नहीं जाएगी और विपक्षी दल इस पर दुष्प्रचार कर रहे हैं. सीएए में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत आने वाले गैर मुस्लिमों को आसानी से नागरिकता देने का प्रावधान है. देश के कई हिस्सों में इसका तीखा विरोध हो रहा है. उधर, सरकार ने साफ कह दिया है कि यह कानून वापस नहीं होगा. दूसरी तरफ, सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है. कल उसने कहा कि अब इस पर सुनवाई एक पांच सदस्यीय संविधान पीठ करेगी.