महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने राज्य की पूर्ववर्ती भाजपा नीत सरकार पर पिछले साल लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान राकांपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के फोन टैप कराने का आरोप लगाया है. उन्होंने शुक्रवार को इस मामले की जांच के आदेश भी दिए हैं.

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा, ‘पिछले साल लोकसभा और विधानसभा चुनाव से पहले सरकारी तंत्र का प्रयोग करते हुए पूर्ववर्ती भाजपा नीत सरकार ने राकांपा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के फोन टैप करवाए थे.’ विदर्भ के भंडारा जिले में मीडिया से बात करते हुए देशमुख ने कहा, ‘चुनाव से पहले भाजपा सरकार ने यह पता लगाने की कोशिश की थी राकांपा और कांग्रेस नेता किससे और क्या बातें करते हैं.’ हालांकि, गृह मंत्री अनिल देशमुख ने राकांपा और कांग्रेस के उन नेताओं के नाम का खुलासा नहीं किया जिनका फोन कथित रूप से टैप कराया गया था.

गृह मंत्री के इस खुलासे और जांच के आदेश से पहले ही राकांपा नेता और मौजूदा सरकार में आवास मंत्री जितेंद्र अव्हाड ने पूर्व भाजपा सरकार पर फोन टैपिंग का आरोप लगाया था. पूर्व की भाजपा सरकार पर यह भी आरोप है कि तत्कालीन सरकार ने कुछ अधिकारियों को इजराइल भेजकर फोन टैप कराने का सॉफ्टवेयर मंगाया था. पिछले साल भी एक इजराइली फर्म पर भारतीय नेताओं, कार्यकर्ताओं, वकीलों और पत्रकारों के फोन टैप करने के आरोप लगे थे. हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने अपनी सरकार पर लगे आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया था. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार आरोपों की जांच कराने को स्वतंत्र है.