दिल्ली की एक अदालत ने निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले के दोषियों के वकील की एक याचिका का निपटारा कर दिया है. पीटीआई के मुताबिक उसने कहा कि आगे किसी भी दिशा-निर्देश की आवश्यकता नहीं है. वकील एपी सिंह ने याचिका में आरोप लगाया था कि जेल के अधिकारी वे दस्तावेज मुहैया नहीं करा रहे हैं जो दया और सुधारात्मक याचिकाएं दायर करने के लिए जरूरी हैं. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय कुमार जैन ने कहा कि दोषियों के वकील तिहाड़ जेल के अधिकारियों से संबंधित दस्तावेजों, पेंटिंग और डायरी की तस्वीरें ले सकते हैं.

वैसे इससे पहले दिल्ली पुलिस की ओर पेश हुए लोक अभियोजक ने अदालत को बताया था कि तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने दोषियों के वकील द्वारा मांगे गए सभी संबंधित दस्तावेज मुहैया करा दिए हैं. उन्होंने दावा किया कि दोषी केवल फांसी टालने की तरकीबें आजमा रहे हैं.
लोक अभियोजक ने कहा, ‘पूरी प्रक्रिया कानून को चकमा देने की है. हमने पहले ही सारे दस्तावेज मुहैया करा दिए हैं. वे जहां भी गए, हमने उन सभी जेलों से सभी दस्तावेज प्राप्त कर लिए थे.’ इसके बाद उन्होंने दोषी विनय कुमार शर्मा की ‘दरिंदा’ नाम की डायरी अदालत के सामने पेश की. इसके अलावा उसकी कई पेंटिंग और अन्य दस्तावेज भी पेश किए गए. अभियोजक ने कहा, ‘हमारे पास बस यही है. अगर अदालत निर्देश दे तो हम दोषियों को तत्काल ये सौंप सकते हैं.’

इससे पहले दोषियों के वकील ने आरोप लगाया कि विनय को धीमा जहर दिया गया. उनके मुताबिक विनय को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उसकी चिकित्सकीय जांच के कागज उन्हें नहीं दिए जा रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि शुक्रवार रात जेल अधिकारियों से कुछ दस्तावेज उन्हें मिले, लेकिन विनय की डायरी और मेडिकल कागजात नहीं मिले हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंडलोई जेल में दूसरे आरोपित पवन सिंह का सिर फोड़ दिया गया था, उसे अस्पताल ले जाया गया था लेकिन वे कागजात भी वकील को मुहैया नहीं कराए गए. एपी सिंह ने कहा कि तीसरे आरोपित अक्षय कुमार सिंह के स्वास्थ्य से जुड़े कागजात भी नहीं मिले हैं जो दया और सुधारात्मक याचिकाएं दायर करने के लिए जरूरी हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दो अन्य दोषियों विनय और मुकेश (32) की सुधारात्मक याचिकाएं खारिज कर दी थीं. राष्ट्रपति ने इस महीने की शुरुआत में मुकेश की दया याचिका खारिज कर दी थी. अदालत के आदेश के अनुसार सभी चारों दोषियों को एक फरवरी को सुबह छह बजे फांसी होनी है.

23 वर्षीय निर्भया से 16-17 दिसंबर 2012 की मध्यरात्रि को दिल्ली में छह लोगों ने चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म किया था. इसके बाद उसे सड़क पर फेंक दिया गया. उसे इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था जहां उसने दम तोड़ दिया.