दिल्ली पुलिस ने शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ भाषण देने वाले छात्र शरजील इमाम के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. शरजील इमाम पर संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का आरोप है.

पीटीआई के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया, ‘बिहार निवासी और जवाहलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र शरजील इमाम ने सीएए और एनआरसी के विरोध में शाहीन बाग़ में काफी उकसाऊ और भड़काने भाषण दिए थे. इस छात्र ने पहले भी कई बार ऐसा किया है.’

पुलिस के मुताबिक इससे पहले उसने बीते 13 दिसंबर को जामिया मिल्लिया इस्लामिया में ऐसा ही एक भाषण दिया था. इमाम ने इसके बाद सरकार के खिलाफ उकसावे वाला एक और भाषण भी दिया था जो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से चल रहा है.

पुलिस ने आगे कहा, ‘इन भाषणों से धार्मिक सौहार्द्रता और भारत की एकता एवं अखंडता के नुकसान पहुंचने की संभावना है जिसके लिए उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. शरजील इमाम के खिलाफ भादंसं की धारा 124 ए, 153ए और 505 के तहत मामला दर्ज किया गया है.’

पीटीआई के मुताबिक शरजील इमाम को एक ऑडियो क्लिप में यह कहते हुए सुना गया कि असम को भारत के शेष हिस्से से काटना चाहिए और सबक सिखाना चाहिए क्योंकि वहां बंगाली हिंदुओं और मुस्लिम दोनों की हत्या की जा रही है या उन्हें निरोध केंद्रों में रखा जा रहा है.

उसने यह भी कहा था, ‘अगर वह पांच लाख लोगों को एकत्रित कर सका तो असम को भारत के शेष हिस्से से स्थायी रूप से अलग किया जा सकता है...अगर स्थायी रूप से नहीं तो कम से कम कुछ महीनों तक तो किया ही जा सकता है.’

इससे पहले बीते शनिवार को उत्तर प्रदेश पुलिस ने शरजील इमाम के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया था. आरोप है कि इमाम ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) परिसर में 16 जनवरी को भड़काऊ भाषण दिया था. असम पुलिस ने भी उसके भाषण को लेकर उसके खिलाफ उग्रवाद रोधी कानून यूएपीए के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की है.