सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात दंगों से जुड़े एक मामले के 17 दोषियों को मंगलवार को सशर्त जमानत दे दी. अदालत ने उन्हें मध्य प्रदेश जाने और वहां सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया है. यह मामला सरदारपुरा नाम के एक गांव में हुई हिंसा से जुड़ा है. यहां 33 लोगों को जिंदा जला दिया गया था. दोषियों ने गुजरात हाई कोर्ट से मिली उम्र कैद की सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी.

मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे वाली एक तीन सदस्यीय पीठ ने दोषियों को दो समूहों में बांटा. उसने कहा कि एक समूह मध्य प्रदेश के इंदौर में रहेगा जबकि दूसरे को जबलपुर जाना होगा. अदालत के मुताबिक जमानत की शर्तों के तहत सभी दोषियों को हर हफ्ते छह घंटे की सामुदायिक सेवा करनी होगी. उन्हें हर हफ्ते स्थानीय थाने में भी पेश होना पड़ेगा. शीर्ष अदालत ने इंदौर और जबलपुर में जिला विधिक सेवा अधिकारियों (डीएलएसए) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि दोषी जमानत की शर्तों का सख्त पालन करें. उसने डीएलएसए को दोषियों की आजीविका के लिए उचित रोगजार ढूंढने में मदद करने को भी कहा है. साथ ही शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश विधिक सेवा अधिकरण को तीन महीने बाद एक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. इसमें उसे यह बताना होगा कि दोषियों ने शर्तों का पालन किया या नहीं.