संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोपित शरजील इमाम को गिरफ्तार कर लिया गया है. खबरों के मुताबिक उसकी गिरफ्तारी बिहार के जहानाबाद से हुई. आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएट शरजील इमाम जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर हिस्टोरिकल स्टडीज से शोध करने के लिए दिल्ली आया था. उसके कथित भड़काऊ भाषणों के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उसके खिलाफ राजद्रोह के आरोप लगाए गए हैं. इन भाषणों में शरजील इमाम को सीएए के मद्देनजर असम को भारत से अलग करने के बारे में बोलते हुए सुना जा सकता है.

शरजील इमाम पर दिल्ली के अलावा असम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश में मामले दर्ज किए गए हैं. दिल्ली पुलिस का कहना है कि बीते महीने उसने दो मौकों पर भड़काऊ भाषण दिए. पहली बार दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान और दूसरी बार ऐसे ही प्रदर्शनों के दौरान उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में. दिल्ली पुलिस ने उसकी तलाश में क्राइम ब्रांच की पांच टीमें लगाई थीं. इससे पहले कल गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहने के बाद शरजील इमाम पर केस दर्ज किया गया है. दिल्ली में एक चुनावी रैली में उनका कहना था, ‘आपने शरजील इमाम का एक वीडियो देखा होगा जिसमें वह उत्तर-पूर्व को भारत से अलग करने की बात करता है. उसने देश को बांटने की बात की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली पुलिस को उसके खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज करने का कहा. पीएम मोदी के कहने पर पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज किया है.’