दिल्ली का शाहीन बाग इलाका इन दिनों लगातार सुर्खियों में है. यहां नए नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ महिलाएं धरने पर बैठी हुई हैं. इसे लेकर राज्य में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और विपक्षी भाजपा के बीच बयानबाजी जारी है. इस बीच ताजा खबर यह है कि शाहीन बाग में धरना स्थल पर घुसे कुछ लोगों ने महिलाओं को धमकाने की कोशिश की. पांच से छह की संख्या में धरना स्थल पर आए इन लोगों ने इन महिलाओं से यह जगह खाली करने को कहा. सत्याग्रह से बातचीत में एक महिला ने दावा किया कि इन लोगों ने ऐसा न करने पर लाशें बिछाने की धमकी दी. इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी जारी हुआ है. इसमें धरनास्थल पर आए इन लोगों में से एक को पिस्तौल लहराते देखा जा सकता है.

इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया है कि शाहीन बाग में प्रदर्शन करने वाले बांग्लादेशी और पाकिस्तानी हैं. पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने कहा कि ये लोग तिरंगा हाथों में पकड़कर राष्ट्रवाद की आड़ में इस तथ्य को छिपा रहे हैं कि वे ही घुसपैठिए हैं. राहुल सिन्हा का कहना था, ‘यह प्रत्येक भारतीय और भारत माता के खिलाफ एक विवाद है.’ उनसे पहले केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि शाहीन बाग का प्रदर्शन कुछ सौ लोगों द्वारा मौन बहुसंख्यकों को दबाने की कोशिश का सटीक उदाहरण है.

उधर, कांग्रेस ने कहा है कि शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों पर सवाल उठाना अन्याय है. पार्टी के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने कहा, ‘शाहीन बाग आज देश भर के आंदोलनों का मुख्य केंद्र बन गया है. यह एक स्वच्छ आंदोलन है. वहां भारत के संविधान और तिरंगे के प्रति सम्मान दिखाते हुए लोग अपनी आवाज उठा रहे हैं.’