प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि नया नागरिकता कानून यानी सीएए एक ऐतिहासिक अन्याय को दुरुस्त करने की कोशिश है. उनका यह भी कहना था कि इस कानून के जरिये भारत की आजादी के समय पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों से किए गए वादे को पूरा किया गया है. यह खबर आज लगभग सभी अखबारों के पहले पन्ने पर है. इसके अलावा सीएए के विरोध में भड़काऊ भाषण देने के आरोपित जेएनयू के छात्र शरजील इमाम को गिरफ्तार करने की खबर को भी अखबारों ने बड़ी सुर्खी बनाया है. शरजील को दिल्ली पुलिस ने बिहार के जहानाबाद से गिरफ्तार किया.

राम मंदिर ट्रस्ट की घोषणा एक हफ्ते में संभव

केंद्र सरकार एक हफ्ते के अंदर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट के गठन की घोषणा करने वाली है. दैनिक जागरण के मुताबिक इसके साथ ही वह अयोध्या में सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार मस्जिद के निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन की भी पेशकश करेगी. बताया जा राह है कि इसके लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है. बीते नवंबर में दिए गए फैसले में सर्वोच्च अदालत ने केंद्र सरकार को इसके लिए लिए तीन महीने का वक्त दिया था. बताया जा रहा है कि राम मंदिर के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और इसे मंजूरी के लिए जल्द ही केंद्रीय कैबिनेट के सामने पेश कर दिया जाएगा.

राकेश झुनझुनवाला पर इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप, सेबी की जांच जारी

अरबपति निवेशक राकेश झुनझुनवाला पर इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों की जांच हो रही है. दैनिक भास्कर के मुताबिक यह जांच सेबी कर रहा है. राकेश झुनझुनवाला पर आरोप है कि उन्होंने अपनी कंपनी एपटेक लिमिटेड में इनसाइडर ट्रेडिंग की. एपटेक एजुकेशन से जुड़ी कंपनी है. राकेश झुनझुनवाला इसके चेयरमैन हैं. किसी लिस्टेड कंपनी के प्रबंधन से जुड़े लोग या उनके करीबी ऐसी जानकारियों के आधार पर ट्रेडिंग करें जो कि सार्वजनिक नहीं हों तो इसे इनसाइडर ट्रेडिंग माना जाता है. इस तरह की सूचनाओं के आधार पर शेयरों में खरीद-फरोख्त से मुनाफा कमाना गैर-कानूनी होता है.

कर्नाटक में सीएए के खिलाफ नाटक करने पर स्कूली बच्चों पर राजद्रोह का मामला

कर्नाटक में एक स्कूल में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ नाटक का मंचन होने के बाद स्कूली बच्चों और प्रबंधन के खिलाफ राजद्रोह और शांति भंग करने की कोशिश का मामला दर्ज किया गया है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक यह बीदर जिले की घटना है. बताया जाता है कि एक व्यक्ति ने इस सिलसिले में शिकायत की थी जिसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की. खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताने वाले इस शख्स का कहना है कि इस नाटक के जरिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि खराब करने की कोशिश की गई. उधर, अपने बयान में स्कूल का कहना है कि यह नाटक कक्षा चार के बच्चों की ओर से देश के मौजूदा हालात पर बनाया गया था.