निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले के दोषियों में से एक विनय शर्मा ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका दाखिल की है. इसमें उसने जेल में अपने साथ हुए गलत व्यवहार के बारे में बताने के लिए राष्ट्रपति से वक्त मांगा है.

निर्भया कांड के दोषियों द्वारा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास भेजी गयी यह दूसरी दया याचिका है. इससे पहले मुकेश सिंह की दया याचिका राष्ट्रपति खारिज कर चुके हैं.

पीटीआई के मुताबिक विनय शर्मा ने राष्ट्रपति को भेजी अपनी दया याचिका में कहा है, ‘श्रीमान, मेरी गिरफ्तारी के दिन से लेकर अब तक जिस तरह का मुझसे बर्ताव हुआ है, उसके चलते मैं कई बार पहले ही मर चुका हूं. मैं इस बारे में आपको बताने के लिए अपने अंतिम अवसर का इस्तेमाल करना चाहता हूं. मुझे उम्मीद है कि यह जानने के बाद कि मेरा जीवन क्या रहा है, आप मुझपर दया करेंगे.’ विनय ने राष्ट्रपति से गुजारिश की है कि वो जो भी समय उचित हो बता दें, ताकि उसके वकील एपी सिंह उसका पक्ष मौखिक तौर पर राष्ट्रपति के समक्ष रख सकें.

निर्भया कांड के दोषी विनय शर्मा की दया याचिका राष्ट्रपति के पास पहुंचने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या अब एक फरवरी को दोषियों को फांसी दी जा सकेगी? ऐसे कयास इसलिए लगाए जा रहे हैं, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के हिसाब से दया याचिका खारिज होने के बाद दोषी को 14 दिनों का वक्त दिया जाता है.

इससे पहले निर्भया के दोषियों को 22 जनवरी को फांसी दी जानी थी, जो टल गई थी. दिल्ली की तिहाड़ जेल नियमों के अनुसार एक ही अपराध के चारों दोषियों में से किसी को भी तब तक फांसी पर नहीं लटकाया जा सकता, जब तक कि अंतिम दोषी दया याचिका सहित सभी कानूनी विकल्प नहीं आजमा लेता.