संसद के बजट सत्र के पहले दिन आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने नए नागरिकता कानून (सीएए) का जिक्र किया. राष्ट्रपति ने इसे ऐतिहासिक कानून बताते हुए कहा कि इसके जरिये राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की इच्छा को पूरा किया गया. इस दौरान सत्ता पक्ष ने जोर से मेजें थपथपाईं तो विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की. राष्ट्रपति का यह भी कहना था कि हाल में सीएए के खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हिंसा से लोकतंत्र कमजोर हुआ.

राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में जम्मू-कश्मीर में धारा 370 निष्प्रभावी किए जाने का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को सात दशक बाद देश के बाकी हिस्सों के बराबर अधिकार मिले. राष्ट्रपति का कहना था कि इससे देश के लोग खुश हैं. उन्होंने किसानों से लेकर महिलाओं तक समाज के तमाम वर्गों के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र भी किया. राष्ट्रपति का यह भी कहना था कि राम जन्मभूमि मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद समाज ने जिस तरह का धैर्य दिखाया वह प्रशंसनीय है.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कई क्षेत्रों में देश की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार की बात कही. उन्होंने कहा कि स्टार्ट अप और पेटेंट्स के मामले में भी भारत का प्रदर्शन सुधर रहा है. राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट अप इकोसिस्टम भारत में है और स्टार्ट अप इंडिया अभियान के तहत देश में 27 हजार नए स्टार्ट अप्स को मान्यता दी जा चुकी है. राष्ट्रपति का यह भी कहना था कि सरकार ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने की कोशिश कर रही है.

राष्ट्रपति ने कहा कि संसद ने नयी सरकार के गठन के बाद पहले सात महीनों में कई ऐतिहासिक कानून पारित कर रिकॉर्ड बनाया है. उन्होंने कहा कि सरकार इस दशक को भारत का दशक बनाने के लिए मजबूत कदम उठा रही है. राष्ट्रपति के मुताबिक जटिलता हटाने के लिए सरकार ने 1500 कानूनों को खत्म किया है. उन्होंने अलग-अलग विभागों में समन्वय की जरूरत भी बताई.

राष्ट्रपति का यह भी कहना था कि सरकार अपने काम-काज में पारदर्शिता बरत रही है. उनके मुताबिक 400 अलग-अलग योजनाओं को डीबीटी यानी प्रत्यक्ष हस्तांतरण की सुविधा से जोड़ा गया है. राष्ट्रपति के मुताबिक डीबीटी के माध्यम से बीते पांच साल में नौ लाख करोड़ रु से भी ज्यादा की राशि सीधे लाभार्थियों के खाते में ट्रांसफर की गई है. राष्ट्रपति के मुताबिक लीकेज रोककर सरकार ने एक लाख 70 हजार करोड़ रु से भी ज्यादा की रकम गलत हाथों में पड़ने से बचाई.

राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार द्वारा लिए गए फैसलों की वजह से गरीब और मध्यम वर्ग का इलाज का खर्च काफी कम हुआ है. उनका कहना था, ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अब तक 75 लाख गरीब अपना मुफ्त इलाज करा चुके हैं. इसी वर्ष देश में 75 नए मेडिकल कॉलेज बनाने की स्वीकृति दी गई है, जिससे देश में मेडिकल की लगभग 16 हज़ार एमबीबीएस और चार हज़ार से अधिक पीजी सीटों की बढ़ोतरी होगी.’

राष्ट्रपति ने किसानों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘हमारा देश हमारे अन्नदाता किसानों का ऋणी है जिनके परिश्रम से हम खाद्यान्न में आत्मनिर्भर हैं. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 8 करोड़ से ज्यादा किसान-परिवारों के बैंक खाते में 43 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक राशि जमा कराई जा चुकी है.’

राष्ट्रपति का अभिभाषण सरकार का विजन डॉक्यूमेंट माना जाता है. इस अभिभाषण के बाद आधे घंटे का विराम होगा जिसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही अलग-अलग चलेगी. इसमें सरकार की ओर से 2019-20 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा.