47 साल तक यूरोपीय संघ का सदस्य रहने के बाद ब्रिटेन शुक्रवार रात आखिरकार इससे अलग हो गया. ईयू से बाहर निकलने वाला वह पहला देश है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ब्रेक्जिट से थोड़ी ही देर पहले अपने संबोधन में इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया था. एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा क्षण है जब एक नई सुबह की शुरुआत हो रही है.

ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने का घटनाक्रम इस प्रकार है:

23 जनवरी 2013 : तत्कालीन प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने वादा किया कि अगर उनकी कंजर्वेटिव पार्टी 2015 के आम चुनाव जीत जाएगी तो यूरोपीय संघ की सदस्यता में बने रहने या उससे बाहर निकलने पर जनमत संग्रह कराया जाएगा.

सात मई 2015 : कंजर्वेटिव ने लेबर पार्टी पर जीत हासिल की और हाउस ऑफ कॉमंस में बहुमत हासिल किया.

23 जून 2016 : ब्रिटेन ने यूरोपीय संघ से अलग होने पर ऐतिहासिक जनमत संग्रह किया. 52 प्रतिशत लोगों ने ब्रेक्जिट का समर्थन किया. डेविड कैमरन ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया.

13 जुलाई 2016 : थेरेसा मे ने कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पद का चुनाव जीता और प्रधानमंत्री बनीं.

18 अप्रैल 2017 : उन्होंने ब्रिटेन में आठ जून को मध्यावधि चुनाव कराने की घोषणा की.

आठ जून 2017 : थेरेसा मे ने हाउस ऑफ कॉमन्स में बहुमत गंवाया.

19 मार्च 2018 : ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने ब्रिटेन के अलग होने पर एक मसौदा समझौता प्रकाशित किया लेकिन समझौते पर पूर्ण सहमति नहीं बनी.

आठ जुलाई 2018 : ब्रिटेन के ब्रेक्जिट मंत्री डेविड डेविस ने विरोध में इस्तीफा दिया. विदेश मंत्री बोरिस जॉनसन ने भी इस्तीफा दिया.

15 जनवरी 2019 : सांसदों ने थेरेसा मे की ब्रेक्जिट योजना को ऐतिहासिक मतदान में 202 के मुकाबले 432 मतों से गिराया.

20 मार्च 2019 : थेरेसा मे ने यूरोपीय संघ से ब्रेक्जिट को 29 मार्च के बजाय 30 जून तक टालने के लिए कहा.

29 मार्च 2019 : सांसदों ने थेरेसा मे के ब्रेक्जिट समझौते को उसी दिन खारिज किया जिस दिन उसे यूरोपीय संघ से अलग होना था.

सात जून 2019 : थेरेसा मे ने आधिकारिक रूप से इस्तीफा दिया.

23 जुलाई 2019 : बोरिस जॉनसन कंजर्वेटिव पार्टी के नेता चुने गए और ब्रिटेन के नये प्रधानमंत्री बने.

तीन अक्टूबर 2019 : ब्रिटेन सरकार ने ब्रसेल्स को नयी ब्रेक्जिट योजना भेजी.

17 अक्टूबर 2019 : ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने एलान किया कि उन्होंने नया ब्रेक्जिट समझौता कर लिया है.

28 अक्टूबर 2019 : यूरोपीय संघ ब्रिटेन को ब्रेक्जिट के लिए 31 जनवरी तक की समय सीमा देने पर राजी हुआ.

29 अक्टूबर 2019 : हाउस ऑफ कॉमन्स ने 12 दिसंबर को आम चुनाव की मंजूरी दी.

12 दिसंबर 2019 : प्रधानमंत्री जॉनसन ने आम चुनाव जीता और कॉमंस में 80 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया.

23 जनवरी 2020 : ब्रिटेन का ईयू से अलग होने का विधेयक संसद से पारित होने के बाद कानून बना.

29 जनवरी 2020 : यूरोपीय संसद ने ब्रेक्जिट समझौते को मंजूरी दी जिसके तहत ब्रिटेन को 31 जनवरी को ईयू से अलग होना था.

31 जनवरी 2020 : ब्रिटेन आधिकारिक रूप से ईयू से अलग हुआ.