वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज बजट पेश किया. यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट है. इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष की प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि बजट में सभी वर्गों के कल्याण और विकास पर स्पष्ट ध्यान केंद्रित है, खासकर किसानों पर. उन्होंने कहा, ‘बजट नये और आत्मविश्वासी भारत की रूपरेखा देता है, यह आने वाले वर्षों में देश को स्वस्थ एवं समृद्ध बनाएगा.’

उधर, विपक्षी पार्टियों ने बजट की आलोचना की है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आम बजट को खोखला करार दिया. उन्होंने कहा बजट में ऐसा कोई रणनीतिक विचार नहीं दिखा जो युवाओं को रोजगार पाने में मदद करे. उनका कहना था, ‘बजट में बस बातें हैं, कुछ होता हुआ नहीं दिखता. ’

सीपीएम ने भी बजट की आलोचना की है. पार्टी महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि इसमें बेकार की बातें और जुमले हैं. उनका कहना था कि इसमें बढ़ती बेरोजगारी, गांवों में मजदूरी भुगतान संकट और परेशान किसानों की आत्महत्या करने जैसी समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं है.

आम आदमी पार्टी ने भी बजट पर असंतोष जाहिर किया है. पार्टी नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली को बजट से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन इसके साथ एक बार फिर सौतेला व्यवहार किया गया है. उन्होंने कहा, ‘भाजपा की प्राथमिकताओं में दिल्ली शामिल नहीं है. लोग उसे वोट क्यों दें?’ उधर, तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि सरकार ने ऐसे देश में बचत के लिए प्रोत्साहनों को हटाया जहां सामाजिक सुरक्षा नहीं है.