एलआईसी कर्मचारी संघों ने आईपीओ के माध्यम से केंद्र सरकार की कुछ हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव का विरोध किया है. इन कर्मचारी संघों का कहना है कि यह पहल ‘देश हित के खिलाफ’ है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को अपने बजट भाषण में कहा कि सरकार एलआईसी में आईपीओ के जरिये अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव करती है. इस प्रस्ताव पर एलआईसी कर्मचारी संघ के प्रवक्ता ने संवाददाताओं से कहा, ‘एलआईसी में सरकार के एक हिस्से को बेचने की योजना का हम कड़ा विरोध करते हैं और यह पहल देश हित के खिलाफ है.’ कर्मचारी संघ का कहना है कि एलआईसी में आम आदमी ने अपनी बचत लगा रखी है और इससे सरकारी हिस्सेदारी को बेचना उनके हितों को खिलाफ है. विपक्ष के कुछ नेताओं ने भी एलआईसी में सरकारी हिस्सेदारी बेंचने के प्रस्ताव का विरोध किया है.

एलआईसी की स्थापना 1956 में केंद्र सरकार ने की थी और देश में जीवन बीमा के क्षेत्र में इसकी सबसे ज्यादा बाजार भागीदारी है. जानकारों का कहना है कि अगर एलआईसी को सूचीबद्ध किया जाता है तो यह देश की सबसे बड़ी बाजार पूंजीकरण वाली कंपनी बन सकती है.