पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद अनंत कुमार हेगड़े के एक बयान पर विवाद हो गया है. इस बयान में उन्होंने महात्मा गांधी के स्वाधीनता आंदोलन को नाटक कहा है. बेंगलुरू में एक रैली में उन्होंने यह सवाल भी किया कि भारत में ऐसे लोगों को महात्मा कैसे कहा जाता है. अनंत कुमार हेगड़े ने कहा, ‘इनमें से किसी भी तथाकथित नेता को पुलिस ने नहीं पीटा. इनका स्वतंत्रता आंदोलन एक बड़ा नाटक था. इसका मंचन अंग्रेजों की मंजूरी के साथ किया गया. यह सचमुच की लड़ाई नहीं थी.’

अनंत कुमार हेगड़े ने आगे कहा, ‘कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि भारत को भूख हड़ताल और सत्याग्रह के कारण आजादी मिली है. ये सच नहीं है. अंग्रेज सत्याग्रह की वजह से देश छोड़कर नहीं गए थे. अंग्रेजों ने परेशान होकर आजादी दी थी. इतिहास पढ़ने पर मेरा खून खौलता है. ऐसे लोग हमारे देश में महात्मा बन जाते हैं.’

वैसे अनंत कुमार हेगड़े के बयान पर विवाद पहली बार नहीं हो रहा है. कुछ महीने पहले उन्होंने अपनी ही पार्टी भाजपा को मुश्किल में डाल दिया था. अनंत कुमार हेगड़े ने दावा किया था कि महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस ने जिस तरह अचानक रातों-रात मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली थी उसके पीछे 40 हजार करोड़ रु की रकम थी जो देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के खजाने से निकालकर केंद्र को दे दी थी.

अनंत कुमार हेगड़े के ताजा बयान पर महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी ने तंज किया है. उन्होंने कहा कि यह कहना सही है कि बापू का स्वाधीनता संग्राम संघर्ष एक नाटक था जो इतना सजीव था कि इसने अपने अत्याचारों को लेकर ब्रिटिश सरकार की आंखें खोल दीं. उधर, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी का कहना है कि अनंत हेगड़े के इस बयान पर उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया का इंतजार है जो हमेशा महात्मा गांधी का नाम लेते रहते हैं.