केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि सरकार भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करते समय इसके पॉलिसीधारकों के हितों की पूरी सुरक्षा का ध्यान रखेगी.
अनुराग ठाकुर ने पीटीआई से कहा, ‘सूचीबद्धता से एलआईसी के संचालन में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी और शेयर बाजार का विस्तार भी होगा.’ उन्होंने कहा, ‘सरकार ने (एलआईसी को सूचीबद्ध कराने का) एक विचार प्रस्तुत किया है. ब्योरा बाद में आएगा और यह एलआईसी और इसके पालिसीधारकों के हक में ही होगा.’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार के अपने बजट भाषण में एलआईसी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने का प्रस्ताव किया है. जल्द ही इसका प्रथम सार्वजिनक निर्गम (आईपीओ) अगले वित्त वर्ष में लाया जा सकता है. सरकार ने अगले वित्तवर्ष 2020-21 में 2.10 लाख करोड़ रुपये के विनिवेश का लक्ष्य रखा है. इसमें से करीब आधा पैसा एलआईसी और आईडीबीआई बैंक के शेयरों की बिक्री से आ सकता है. एलआईसी के पूरे के पूरे शेयर अभी सरकार के हाथ में है. आईडीबीआई बैंक में सरकार का हिस्सा 46.5 प्रतिशत है. एलआईसी के शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या इससे पॉलिसीधारकों के हित प्रभावित नहीं होंगे. एलआईसी के कर्मचारी संगठनों ने भी सरकार के इस प्रस्ताव पर विरोध जताया है.
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