सरकार ने कहा है कि सोशल मीडिया यूजर्स के प्रोफाइल को आधार से जोड़ने का कोई का प्रस्ताव नहीं है. पीटीआई के मुताबिक लोकसभा में गौरव गोगोई, सुनील बाबू राव मेंढे और कुछ अन्य सदस्यों के पूरक प्रश्नों के उत्तर में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए कई उपाय किए गए हैं.

इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सरकार से कहा कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर सदन में चर्चा कराई जाए. इस पर रविशंकर प्रसाद और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल ने सहमति जताई. बीते दिनों जामिया मिलिया इस्लामिया में गोलीबारी करने वाले किशोर के फेसबुक पोस्ट से जुड़े पूरक प्रश्न पर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जो मामला पुलिस की जांच के दायरे में है, उस पर वे कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते.

सोशल मीडिया अकाउंट को आधार कार्ड से लिंक करने पर बीते कुछ समय से बहस हो रही है. कुछ समय पहले इसकी मांग करती एक याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता और वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दाखिल इस याचिका में कहा गया था कि आधार से सोशल मीडिया अकाउंट्स जोड़े जाने से डुप्लीकेट, फेक और घोस्ट अकाउंट पर लगाम कसी जा सकेगी. शीर्ष अदालत का कहना था कि सरकार इसके लिए दिशा-निर्देश लेकर आए.

रविशंकर प्रसाद ने लोकसभा में यह भी कहा कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी वैश्विक स्तर की एक बड़ी समस्या बन गई है और सरकार इससे सख्ती से निपट रही है. उनके मुताबिक सरकार ने इसको लेकर कई कदम उठाए हैं.