जैसी कि संभावना थी, अमेरिकी सीनेट ने देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पद के दुरुपयोग और कांग्रेस (संसद) की कार्रवाई बाधित करने के आरोपों से बरी कर दिया है. उनके खिलाफ आरोपों की कई हफ्ते तक जांच के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के बहुमत वाले निचले सदन ‘प्रतिनिधि सभा’ ने राष्ट्रपति पर पद के दुरुपयोग और कांग्रेस की कार्रवाई बाधित करने का आरोप लगाया था. रिपब्लिकन बहुमत वाले सीनेट में पद के दुरुपयोग के मामले में 52 सांसदों ने डोनाल्ड ट्रंप को बरी करने के लिए और 48 ने उनके खिलाफ वोट डाला. वहीं कांग्रेस की कार्रवाई बाधित करने के आरोप से उनको बरी करने के लिए 53 और उन्हें इस मामले में दोषी करार देने के लिए 47 सांसदों ने वोट किया.

व्हाइट हाउस ने मतदान के तुरन्त बाद कहा, ‘राष्ट्रपति डेमोक्रेट्स के इस शर्मनाक व्यवहार को भूल आगे बढ़ने को तैयार हैं और अमेरिकी लोगों की ओर से 2020 और उसके बाद भी अपना काम जारी रखने को उत्साहित हैं.’ उधर, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे ‘फर्जी महाभियोग पर देश की जीत पर चर्चा करने के लिए’ व्हाइट हाउस से गुरुवार दोपहर 12 बजे सार्वजनिक बयान जारी करेंगे.

इससे पहले अमेरिका के इतिहास में ऐसा सिर्फ तीसरी बार हुआ जब सीनेट चैंबर उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता में महाभियोग की अदालत में तब्दील हो गया. डोनाल्ड ट्रंप पर दो मुख्य आरोप थे. पहला यह कि उन्होंने सत्ता का दुरुपयोग किया. डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप था कि उन्होंने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में अपने संभावित प्रतिद्वंदी जो बिडेन की छवि खराब करने के लिए यूक्रेन से गैरकानूनी रूप से मदद मांगी. बिडेन के बेटे यूक्रेन की एक ऊर्जा कंपनी में बड़े अधिकारी के पद पर हैं. दूसरा आरोप यह है कि उन्होंने संसद के काम में बाधा डालते हुए अपने राजनीतिक लाभ के लिए यूक्रेन को मिलने वाली आर्थिक मदद को रोक दिया. हालांकि डोनाल्ड ट्रंप इन आरोपों को खारिज करते रहे.