कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने आज उन 10 विधायकों को मंत्री पद दे दिए जिन्होंने कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार को हटाने और भाजपा की सत्ता में आने में मदद की थी. तब अयोग्य करार दिए गए कांग्रेस-जेडीएस के ये विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे. दिसंबर में हुए उपचुनाव में पार्टी ने इन्हें टिकट दिया और इन्होंने जीत भी दर्ज की. आज इन मंत्रियों ने राजभवन में सादे समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ ली. इस बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार से बीएस येदियुरप्पा कैबिनेट मंत्रियों की संख्या बढ़कर अब 28 हो गई है. अब केवल छह पद खाली हैं. पिछले साल अगस्त में हुए पहले मंत्रिमंडल विस्तार में 17 मंत्रियों को शामिल किया गया था.

बीएस येदियुरप्पा ने रविवार को घोषणा की थी कि बृहस्पतिवार को शपथ लेने वाले दस मंत्रियों समेत 13 विधायकों और भाजपा के तीन पुराने सदस्यों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा. जिन तीन को मंत्री पद मिलने की संभावना थी उनमें उमेश कट्टी, अरविंद लिंबावली और सीपी योगेश्वर शामिल थे. हालांकि भाजपा के एक वर्ग ने योगेश्वर को मंत्री बनाने का विरोध करते हुए कहा कि वे विधानसभा चुनाव हार गए थे. बुधवार देर रात बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों के बाद भाजपा के पुराने सदस्यों को मंत्रिमंडल में शामिल करने पर रोक लगा दी गई है. पार्टी सूत्रों ने बताया कि भाजपा के किसी भी नेता को मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल न करने का फैसला तब लिया गया जब मंत्री बनने की इच्छा जता चुके कई नेताओं ने एक साथ पार्टी छोड़ने की धमकी दी.