दिल्ली विधानसभा चुनाव का प्रचार अभियान गुरुवार को संपन्न हो गया. चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में कांग्रेस, भाजपा और आम आदमी पार्टी ने मतदाताओं को लुभाने की पूरी कोशिश की. दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान शनिवार को होगा.

भाजपा ने चुनाव प्रचार की शुरुआत राष्ट्रीय राजधानी के लिए केंद्र द्वारा किए गए विकास कार्य के साथ की थी, लेकिन बाद में यू-टर्न लेते हुए इसने दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के शाहीनबाग में सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों द्वारा अवरुद्ध की गई सड़क के मुद्दे को मुख्य मुद्दा बना दिया. चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने शाहीनबाग में चल रहे सीएए विरोधी प्रदर्शन को केंद्र में रख आक्रामक प्रचार अभियान किया. वहीं, आम आदमी पार्टी ने अपनी सरकार की बिजली, पानी और महिलाओं के लिए नि:शुल्क बस यात्रा जैसे मुद्दों को जोर-शोर से सामने रखा. चुनाव प्रचार के दौरान मुख्य लड़ाई आप और भाजपा के बीच ही नजर आई. कांग्रेस प्रचार अभियान में काफी पीछे दिखी.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव प्रचार के अंतिम दिन उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर और हरिनगर तथा पश्चिमी दिल्ली के मादीपुर में तीन रोडशो किए. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पूर्वी दिल्ली के अपने विधानसभा क्षेत्र पटपड़गंज में पदयात्रा की. भाजपा के चुनाव प्रचार में स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मैदान में उतर गए और दो रैलियों को संबोधित किया. चुनाव प्रचार के दौरान तब बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भीड़ से ‘गद्दारों को गोली मारने’ का नारा लगवाया. वहीं, पार्टी के पश्चिमी दिल्ली के सांसद प्रवेश वर्मा ने भी शाहीन बाग को लेकर अपने बयान से विवाद खड़ा कर दिया. जिसके बाद चुनाव आयोग ने अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के चुनाव प्रचार पर रोक लगाई थी.