राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण आज सभी अखबारों के पहले पन्ने पर है. विपक्ष पर तीखा निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर पुराने ढर्रे पर काम चलता तो राम मंदिर से लेकर धारा 370 तक सभी मुद्दे अभी अनसुलझे ही रहते. इसके अलावा रिजर्व बैंक ने इस वित्तीय वर्ष की आखिरी मौद्रिक समीक्षा में ब्याज दरों को जस का तस रखा है. यह खबर भी सभी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है.

शाहीन बाग फंडिंग मामले में जांच की आंच आप और कांग्रेस के नेताओं तक पहुंची

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अब तक हुई जांच में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं. दैनिक जागरण इस संगठन द्वारा शाहीन बाग धरने की फंडिंग को लेकर कांग्रेस और आप के बड़े नेताओं की भूमिका शक के दायरे में है. खबरों के मुताबिक पीएफआई के पदाधिकारियों से पूछताछ में उनके दोनों पार्टियों के बड़े नेताओं से संबंध उजागर हुए हैं. ईडी पीएफआई और भीम आर्मी से रिश्तों की भी पड़ताल कर रहा है. पीएफआई की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष परवेज अहमद के आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह व कांग्रेस के उदित राज से रिश्ते होने की बात सामने आई. मामला चर्चा में आने पर संजय सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा कि अभी तक ईडी की ओर से इस तरह का कोई अधिकृत बयान या दस्तावेज जारी नहीं किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पीछे से वार कर उनकी छवि खराब कर रहे हैं.

राम मंदिर ट्रस्ट में जगह न मिलने से साधु-संतों में घमासान

राम मंदिर ट्रस्ट के ऐलान के साथ ही साधु-संतों में घमासान छिड़ गया है. दैनिक भास्कर के मुताबिक कई संत ट्रस्ट में जगह न मिलने से नाराज हैं. इस सिलसिले में उन्होंने कल एक बैठक भी बुलाई थी. इसमें आगे की रणनीति तय करने पर विचार होना था. लेकिन फिर गृह मंत्री अमित शाह ने नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी कमल नयन दास से फोन पर बात की. इसके बाद यह बैठक टाल दी गई. बीते बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नाम के एक ट्रस्ट का ऐलान किया था. बताया जा रहा है कि मंदिर का निर्माण रामनवमी (दो अप्रैल) या फिर अक्षय तृतीया (26 अप्रैल) से शुरू हो सकता है.

पीटर मुखर्जी को जमानत

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शीना बोहरा हत्याकांड में मीडिया उद्यमी पीटर मुखर्जी को जमानत दे दी. हिंदुस्तान के मुताबिक अदालत ने कहा कि प्रथमदृष्टया उनके अपराध में शामिल होने के साबित नहीं हैं. हालांकि पीटर मुखर्जी को अभी जेल में ही रहना होगा. इसकी वजह यह है कि सीबीआई के अनुरोध पर अदालत ने जमानत के आदेश पर अमल पर छह हफ्ते की रोक ली.