निर्भया मामले के चारों दोषियों की फांसी के लिए नया वारंट जारी करने के अनुरोध को दिल्ली की एक अदालत ने खारिज कर दिया है. पटियाला हाउस कोर्ट ने कहा कि जब तक दोषी उन्हें उपलब्ध सारे विकल्पों का इस्तेमाल नहीं कर लेते तब तक ऐसा नहीं किया जा सकता.

निर्भया मामले के दोषियों को अलग-अलग फांसी देने की मांग खारिज करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने पांच फरवरी को आदेश दिया था कि अब जो भी कानूनी विकल्प बचे हैं उनका इस्तेमाल दोषी एक हफ्ते के भीतर कर लें. केंद्र और दिल्ली सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं. उनका तर्क है कि कानूनी प्रावधानों का फायदा उठाकर फांसी टालने की कोशिश की जा रही है. सरकार के मुताबिक दोषी एक एक कर कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर रहे हैं जिसके कारण फांसी देने में देर हो रही है. शीर्ष अदालत अगले मंगलवार को इस मामले में सुनवाई करेगी.

16 दिसंबर, 2012 की रात को दक्षिण दिल्ली में एक चलती बस में 23 साल की पैरामेडिकल छात्रा निर्भया के साथ सामूहिक बलात्कार और बर्बरता की गयी थी. कुछ दिन बाद सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी थी. इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था.