नरेंद्र मोदी पर राहुल गांधी के बयान को लेकर लोकसभा में धक्का-मुक्की, कांग्रेस नेता ने कहा – उन्हें सवाल पूछने से रोका जा रहा है

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी को लेकर लोकसभा में आज काफी हंगामा हुआ. बात तब शुरू हुई जब राहुल गांधी के एक सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा, कि वे जवाब से पहले कांग्रेस नेता की टिप्पणी की निंदा करते हैं. इस पर कांग्रेस सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी. इसी दौरान पार्टी सांसद मणिक्कम टैगोर और भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह के बीच धक्का-मुक्की हो गई. इसके बाद सदन की कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी. हाल में दिल्ली में एक रैली के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर विवादित टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि छह महीने बाद भारत के युवा रोजगार को लेकर नरेंद्र मोदी को डंडे से मारेंगे. उधर, आज के हंगामे पर राहुल गांधी ने कहा कि ये भाजपा ने किया ताकि उन्हें सरकार से सवाल पूछने से रोका जा सके.

सीएए के बाद असम में नरेंद्र मोदी की पहली रैली, कहा – देश विरोधी ताकतें इस कानून को लेकर अफवाहें फैला रही हैं

नए नागरिकता कानून यानी सीएए लागू होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम में पहली रैली की. कोकराझार में हुई इस रैली में उन्होंने कहा कि देशविरोधी ताकतें इस कानून को लेकर अफवाह फैला रही हैं. प्रधानमंत्री के मुताबिक कहा जा रहा है कि सीएए से असम में बाहर के लोग आकर बस जाएंगे. नरेंद्र मोदी ने राज्य के लोगों को भरोसा दिलाया कि ऐसा कुछ नहीं होगा. इस दौरान प्रधानमंत्री ने हाल में बोडो आंदोलन से जुड़े संगठनों और सरकार के बीच हुए समझौते का भी जिक्र किया. उन्होंने इसे ऐतिहासिक बताया. प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि बोडो क्षेत्र के विकास के लिए डेढ़ हजार करोड़ रुपए का विशेष पैकेज दिया जाएगा. सीएए के विरोध में बीते दिसंबर में असम में काफी हिंसा हुई थी. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो बार इस राज्य की यात्रा स्थगित करनी पड़ी थी.

निर्भया मामले में दोषियों के लिए नया डेथ वारंट जारी करने करने से अदालत का इनकार, सुप्रीम कोर्ट में अगले मंगलवार को सुनवाई

निर्भया मामले के चारों दोषियों की फांसी के लिए नया वारंट जारी करने की मांग को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने खारिज कर दिया है. दिल्ली की तिहाड़ जेल के प्रशासन ने इससे जुड़ी याचिका दायर की थी. चारों दोषी इसी जेल में हैं. इससे पहले पांच फरवरी को दिल्ली हाई कोर्ट ने दोषियों को अलग-अलग फांसी देने की मांग खारिज कर दी थी. उसका ये भी कहना था कि अब जो भी कानूनी विकल्प बचे हैं उनका इस्तेमाल दोषी एक हफ्ते के भीतर कर लें. केंद्र और दिल्ली सरकार इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं. उनका तर्क है कि कानूनी प्रावधानों का फायदा उठाकर फांसी टालने की कोशिश की जा रही है. शीर्ष अदालत अगले मंगलवार को इस मामले में सुनवाई करेगी.

उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती पर पीएसए लगाया गया

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती सहित चार नेताओं पर जन सुरक्षा अधिनियम यानी पीएसए लगा दिया गया है. ये सभी नेता पिछले साल पांच अगस्त के बाद से ऐहतियातन हिरासत में रखे गए थे. इस हिरासत की अवधि गुरुवार को समाप्त हो गई. उमर अब्दुल्ला के पिता और नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुखिया फारूक अब्दुल्ला पहले से ही पीएसए के तहत बंद हैं. पीएसए उन लोगों पर लगाया जा सकता है जिन्हें सुरक्षा और शांति के लिए खतरा माना जाता हो. इसके तहत किसी को बगैर मुकदमे के कम से कम छह महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है. उधर, कांग्रेस ने उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती पर पीएसए लगाने की आलोचना की है. पार्टी नेता पी चिदंबरम ने इसे एक क्रूर कदम बताया.

दुनिया को कोरोना वायरस की पहली चेतावनी देने वाले डॉक्टर की मौत, कुल मौतों का आंकड़ा 630 हुआ

दुनिया को कोरोना वायरस की पहली चेतावनी देने वाले चीनी डॉक्टर ली वेनलियांग की इसी वायरस से मौत हो गई है. 34 साल के ली की मौत वुहान शहर के उसी अस्पताल में हुई जहां वे काम करते थे. ली वेनलियांग ने ही बीते दिसंबर में जानकारी दी थी कि उन्हें सार्स जैसे एक नए कोरोना वायरस का पता चला है. सार्स ने 2002-03 के दौरान 800 से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी. हालांकि इसके बाद चीनी अधिकारियों ने उन पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया था. कोरोना वायरस अब तक 630 लोगों की जान ले चुका है. 30 हजार के करीब लोग इसकी चपेट में हैं. यह भारत और अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों में भी फैल चुका है.